The CG ख़बर | Bhilai | भिलाई नगर में RTI प्रकोष्ठ के जिला संयोजक मदन सेन ने भारत सरकार द्वारा पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम (106वां संवैधानिक संशोधन, 2023) का समर्थन करते हुए इसे ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह कानून देश में महिला सशक्तिकरण के नए युग की शुरुआत करेगा और महिलाओं को पंचायत से लेकर संसद तक सशक्त प्रतिनिधित्व प्रदान करेगा।
◼️ क्या है यह कानून?
मदन सेन ने बताया कि इस अधिनियम के तहत:
- 🟢 लोकसभा और विधानसभा में 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी
- 🟢 महिलाओं को राजनीति में एक-तिहाई भागीदारी सुनिश्चित होगी
- 🟢 सीटों का रोटेशन सिस्टम लागू होगा, जिससे हर क्षेत्र को अवसर मिलेगा
◼️संसद से लेकर राष्ट्रपति तक का सफर
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि:
- 📌 20 सितंबर 2023 को लोकसभा में बिल पारित हुआ
- 📌 21 सितंबर 2023 को राज्यसभा ने मंजूरी दी
- 📌 29 सितंबर 2023 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसे स्वीकृति प्रदान की
◼️लागू होने के बाद क्या बदलेगा?
मदन सेन ने कहा कि इस कानून के लागू होने के बाद:
- 🔺 लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या 82 से बढ़कर 181 हो जाएगी
- 🔺 महिलाओं की भागीदारी में ऐतिहासिक वृद्धि देखने को मिलेगी
- 🔺 नीति निर्माण में महिलाओं की मजबूत उपस्थिति सुनिश्चित होगी
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह अधिनियम जनगणना और परिसीमन के बाद लागू होगा।
◼️रोटेशन व्यवस्था पर क्या बोले?
उन्होंने बताया कि इस कानून में सीटों के रोटेशन का प्रावधान किया गया है, जिससे हर चुनाव में अलग-अलग क्षेत्रों की महिलाओं को प्रतिनिधित्व का अवसर मिलेगा।
◼️ प्रधानमंत्री के प्रति जताया आभार
मदन सेन ने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कदम आने वाले समय में देश की राजनीति को नई दिशा देगा।
◼️ निष्कर्ष
भिलाई से सामने आया यह समर्थन साफ दर्शाता है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को समाज के विभिन्न वर्गों का समर्थन मिल रहा है।
यह कानून आने वाले समय में भारत की राजनीति में संतुलन, समानता और सशक्तिकरण की नई मिसाल स्थापित करेगा।
