जनहित संघर्ष समिति के नेतृत्व में हुआ विरोध प्रदर्शन
भिलाई, छत्तीसगढ़: चंद्रनगर वार्ड नंबर 14 में अग्रसेन आईटीआई द्वारा सरकारी सड़क पर किए गए कब्जे को हटाने के लिए मंगलवार को सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए। जनहित संघर्ष समिति के संयोजक शारदा गुप्ता के नेतृत्व में नागरिकों ने नगर निगम की नाप-जोख टीम को सहयोग करते हुए दिनभर सड़क पर डटे रहे।
अवैध कब्जे का खुलासा
नगर निगम की मापन रिपोर्ट के अनुसार, कब्जे की जानकारी निम्नलिखित है:
| कब्जे की जगह | क्षेत्रफल (फीट में) | कब्जाधारी | स्थिति |
|---|---|---|---|
| रोड के लिए निर्धारित भूमि | 20×268 | नगर निगम | कब्जे में |
| निजी कब्जा | 20×164 | राजेंद्र अग्रवाल | 10 दिन में छोड़ने का वादा |
| निजी कब्जा | 20×162 | राजेश पटेल | सहमति दी गई |
| कुल अवैध कब्जा | 20×326 | विभिन्न अतिक्रमणकर्ता | मुक्त करने की प्रक्रिया जारी |
नाप-जोख के बाद पटवारी और आरआई ने एक सप्ताह में रिपोर्ट देने का आश्वासन दिया, जिससे यह पुष्टि होगी कि अन्य अवैध कब्जे कहां-कहां हैं।
25 वर्षों से कब्जे का मामला
अग्रसेन आईटीआई पिछले 25 वर्षों से इस रोड पर अवैध कब्जा बनाए हुए है। कॉलोनीवासियों की लगातार शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।
भाजपा नेता शारदा गुप्ता ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर इस मामले को उठाया।
उच्च न्यायालय का आदेश
- 45 दिनों के भीतर नगर निगम को अवैध अतिक्रमण हटाने का निर्देश।
- नगर निगम भिलाई को दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश।
- प्रशासन को फटकार लगाई कि अब तक कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया।
अवैध कब्जे के कारण बढ़ती समस्याएँ
कॉलोनीवासियों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है:
✅ आवागमन बाधित – सड़क संकरी होने के कारण बड़े वाहन नहीं गुजर सकते।
✅ अंधे मोड़ पर दुर्घटनाएँ – दो जगहों पर अंधे मोड़ होने से रोज़ एक्सीडेंट होते हैं।
✅ आपातकालीन सेवाओं में बाधा – फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस का पहुँचना मुश्किल।
✅ व्यवसायिक अतिक्रमण – अग्रसेन आईटीआई के साथ टाइल्स का व्यापार भी हो रहा है। 16-चक्के की ट्रकें सड़क पर खड़ी रहती हैं, जिससे रास्ता जाम हो जाता है।
न्याय की उम्मीद में नागरिक
शारदा गुप्ता ने कहा,
“हम 25 साल से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब न्यायालय के आदेश के बाद हमें उम्मीद है कि जल्द ही यह अवैध अतिक्रमण हटाया जाएगा और कॉलोनीवासियों को राहत मिलेगी।”
अब सभी की नजरें नगर निगम और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। अगर तय समय में सड़क मुक्त नहीं होती, तो जनता फिर से आंदोलन के लिए तैयार है।
