भिलाई: 702 जर्जर आवासों को लेकर 250 लोगों का पैदल मार्च,  नेशनल हाईवे पर बैठे आवासधारी

भिलाई: 702 जर्जर आवासों को लेकर 250 लोगों का पैदल मार्च, नेशनल हाईवे पर बैठे आवासधारी

भिलाई: 702 जर्जर आवासों को लेकर 250 लोगों का पैदल मार्च,  नेशनल हाईवे पर बैठे आवासधारी

भिलाई। हॉस्पिटल सेक्टर के जर्जर आवासों को खाली कराने के नोटिस के विरोध में मंगलवार को पावरहाउस क्षेत्र में जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला। छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के प्रदेश सचिव कालिदास डेहरिया और मेहनतकश आवास अधिकार संघ के नेतृत्व में लगभग 250 आवासधारियों ने पावरहाउस अंबेडकर चौक से पैदल मार्च निकाला।

हालांकि, अंबेडकर चौक से आगे बढ़ते ही प्रशासन ने मार्च को रोक दिया। मौके पर तैनात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं।

🔴 702 आवासों पर संकट, बीएसपी का नोटिस बना चिंता का कारण

हॉस्पिटल सेक्टर में कुल लगभग 702 आवास ऐसे हैं जिन्हें जर्जर घोषित किया जा चुका है। बीएसपी प्रशासन द्वारा इन मकानों को खाली करने का नोटिस दिया गया है।

आवासधारियों का कहना है कि वे वर्षों से इन मकानों में रह रहे हैं और बिना वैकल्पिक व्यवस्था के उन्हें हटाया जाना अन्यायपूर्ण है। उनका साफ कहना है कि—

या तो इन जर्जर आवासों का संधारण (मरम्मत) कराया जाए,

अथवा इसी स्थान पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नए मकान उपलब्ध कराए जाएं।

⚖️ 2016 में तोड़ी गई थीं दो इमारतें, हाई कोर्ट से मिली थी राहत

जानकारी के अनुसार वर्ष 2016 में दो इमारतों को तोड़ा भी जा चुका है। इसके बाद प्रभावित परिवारों ने हाई कोर्ट की शरण ली थी, जहां से उन्हें लगभग 8 वर्षों की राहत मिली थी।

दिसंबर 2025 में यह राहत अवधि समाप्त हो गई। इसके बाद बीएसपी द्वारा पुनः नोटिस जारी किए जाने लगे हैं, जिससे 702 परिवारों की चिंता एक बार फिर बढ़ गई है।

बताया जा रहा है कि मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच चुका है।

👥 आंदोलन में ये रहे मौजूद

प्रदर्शन में मेहनतकश आवास अधिकार संघ से संजना खरे, एन. नारायण राव, मनु राम ठाकुर, ब्रह्मा, अरुण, शारदा मेश्राम, विक्की, भावना ध्रुव सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

❓ अब आगे क्या?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इन 702 परिवारों को वैकल्पिक आवास मिलेगा या उन्हें अपने घर खाली करने पड़ेंगे? प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।

आने वाले दिनों में इस मामले की दिशा क्या होगी, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

(The CG ख़बर | भिलाई ब्यूरो)

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