बागलकोट में सांप्रदायिक तनाव, पुलिसकर्मी भी घायल
The CG खबर | राष्ट्रीय डेस्क
कर्नाटक के बागलकोट में शिवाजी महाराज जयंती के अवसर पर निकाले गए भव्य जुलूस के दौरान गुरुवार रात पत्थरबाजी और चप्पल फेंके जाने की घटना से क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आठ आरोपितों को गिरफ्तार किया है और मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
रात 10:06 बजे भड़की स्थिति
बागलकोट के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ गोयल के अनुसार, घटना गुरुवार रात लगभग 10:06 बजे उस समय हुई जब जुलूस एक मस्जिद के पास पहुंचने वाला था। जानकारी के मुताबिक, मस्जिद में प्रार्थना लगभग 9:30 बजे समाप्त हो चुकी थी, हालांकि कुछ लोग अंदर मौजूद थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक मस्जिद की ओर से पत्थरबाजी शुरू हो गई और कुछ लोगों ने चप्पलें भी फेंकीं। इस दौरान कई जुलूस में शामिल लोग और पुलिसकर्मी घायल हुए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा।
मुख्य आरोपित गिरफ्तार
पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपित की पहचान सेक्टर नंबर 10, नवानगर निवासी 28 वर्षीय तनवीर हवलदार के रूप में हुई है। उसके अलावा सात अन्य लोगों को भी पुलिस के कर्तव्य में बाधा डालने और उपद्रव फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए निषेधात्मक आदेश
घटना के बाद प्रशासन ने शहर में धारा 163 के तहत निषेधात्मक आदेश लागू कर दिए हैं। पुलिस महानिरीक्षक (उत्तरी रेंज) चेतन सिंह राठौर ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
भाजपा का कांग्रेस सरकार पर आरोप
भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सदस्य नारायणसा बंडगे ने राज्य की भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सरकार पर “हिंदू विरोधी” होने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रार्थना समाप्त होने के बाद भी मस्जिद में 200 से अधिक लोगों का जमावड़ा क्यों था।
भाजपा सांसद ने यह भी घोषणा की कि शहर में जल्द ही एक और जुलूस निकाला जाएगा।
मुख्यमंत्री की शांति की अपील
सिद्धारमैया ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए नागरिकों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दोषियों की पहचान के लिए गहन जांच जारी है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने लोगों से अफवाहों और उकसावे से दूर रहने तथा एकता बनाए रखने की अपील की।
The CG खबर अपील करता है कि नागरिक किसी भी अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें। स्थिति पर पुलिस की नजर बनी हुई है।
