
परिचय
छत्तीसगढ़ के भिलाई में सुपेला क्षेत्र के लोग हर सुबह एक अनोखी भक्तिमय यात्रा में शामिल होते हैं, जिसे प्रभात फेरी कहते हैं। यह प्रभात फेरी पिछले 24 सालों से बिना किसी रुकावट के, आंधी-तूफान, बारिश, सर्दी, गर्मी या कोरोना महामारी के दौरान भी लगातार जारी रही है। इस आयोजन की शुरुआत 7 नवंबर 2000 को स्वर्गीय श्री दिनेश वैष्णव द्वारा की गई थी, और यह आज भी उनके आदर्शों के अनुरूप लगातार संचालित हो रही है।
प्रभात फेरी का उद्देश्य और महत्व
श्री राधे कृष्णा नाम जप अलौकिक महायज्ञ एवं प्रभात फेरी का उद्देश्य केवल धार्मिक उपासना करना नहीं, बल्कि इससे भी बढ़कर है। इसका मूल उद्देश्य समाज में धर्म का प्रचार करना, लोगों को मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाना, एवं एकजुटता की भावना को प्रोत्साहित करना है। प्रभात फेरी में भाग लेने वाले भक्तजन प्रभु का नाम जपते हुए अपने समाज को सकारात्मक ऊर्जा एवं प्रेम का संदेश देते हैं।
प्रभात फेरी की दिनचर्या और मार्ग
हर सुबह 5 बजे हनुमान मंदिर सुपेला से भक्तजन एकत्रित होते हैं, जहां से प्रभात फेरी शुरू होती है। यह फेरी विभिन्न मोहल्लों से होते हुए सुपेला शीतला माता मंदिर तालाब परिसर में जाकर समाप्त होती है। प्रभात फेरी का वातावरण पूर्णत: भक्तिमय होता है, जिसमें राधे कृष्णा के नाम का उच्चारण और भक्तिभाव में गाए जाने वाले भजन हर किसी का मन मोह लेते हैं।
प्रभात फेरी का मुख्य संदेश: “राधे कृष्णा बोलिए”
प्रभात फेरी में शामिल भक्तजन एक दूसरे को “हेलो” और “हाय” छोड़कर, “राधे कृष्णा” बोलने का आग्रह करते हैं। यह पहल न केवल भक्ति की भावना को बढ़ावा देती है, बल्कि समाज में सकारात्मक और धार्मिक वातावरण भी बनाती है।
संस्था की नींव और नेतृत्व
श्री दिनेश वैष्णव के स्वर्गवास के बाद, उनकी पत्नी श्रीमती उमा वैष्णव ने संस्था का दायित्व संभाला और उसे आज भी पूर्ण निष्ठा से आगे बढ़ा रही हैं। उनका मानना है कि प्रभु के भजन से न केवल आत्मा को शांति मिलती है, बल्कि प्राकृतिक हवा भी स्वास्थ्य के लिए अमूल्य दवा के समान है।
भारत विकास परिषद का योगदान
भारत विकास परिषद के भिलाई इकाई के समन्वयक अनिल डागा ने जब इस भक्ति यात्रा के बारे में सुना, तो उन्होंने संस्था की प्रशंसा की और परिषद की ओर से नितेश ठाकुर, बी एन पांडे, राकेश साहू और अजय शुक्ला के साथ मंदिर परिसर पर सभी भक्तों का सम्मान किया। उन्होंने प्रभात फेरी में नियमित भाग लेने वाले सदस्यों को दीवार घड़ी, वैदिक मंत्र स्तोत्र कैलेंडर, राधे कृष्णा पटका, मिठाई और भजन की किताब देकर उनका हौसला बढ़ाया।
नियमित भागीदारी और सदस्य
प्रभात फेरी में महिलाओं और पुरुषों की नियमित भागीदारी इसे एक सामूहिक आंदोलन बनाती है। प्रमुख सदस्य जैसे कि श्रीमती रुक्मणी ठाकुर, लता साहू, जोगेश्वरी, मंजुला ताम्रकार, दुबबाई, साधना कौशिक, लता यादव, सुलभ ताम्रकार, किरण साहू, द्रौपदी साहू, राधाबाई पटेल, भुवनेश्वरी साहू, कृति ताम्रकार, अनमोल चौबे, पवन सारथी, निर्मल सिंह आदि नियमित रूप से इस कार्य को करते आ रहे हैं।
कोरोना काल में भी अनवरत भक्ति
महामारी के दौरान, जब सभी धार्मिक आयोजन और सामूहिक गतिविधियाँ स्थगित कर दी गईं, तब भी यह प्रभात फेरी जारी रही। भक्तजन सभी आवश्यक सावधानियों का पालन करते हुए प्रभात फेरी में भाग लेते रहे और किसी भी सदस्य को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। यह इस बात का प्रमाण है कि धार्मिक और मानसिक संकल्प व्यक्ति को स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान कर सकता है।
प्रभात फेरी के लाभ
- सकारात्मक ऊर्जा: प्रभात फेरी का सकारात्मक प्रभाव सभी सदस्यों पर दिखाई देता है। भक्ति गीतों के माध्यम से उनमें नई ऊर्जा का संचार होता है।
- स्वास्थ्य लाभ: सुबह की ताज़ी हवा और प्रभु नाम जपना मानसिक शांति और शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है।
- समुदाय में एकजुटता: इस आयोजन के माध्यम से समुदाय में एकजुटता और धार्मिकता का वातावरण बना रहता है।
- धार्मिक जागरूकता: लोगों में धर्म और संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने में यह आयोजन अहम भूमिका निभा रहा है।
समाज पर प्रभात फेरी का प्रभाव
भिलाई के सुपेला क्षेत्र में प्रभात फेरी न केवल धार्मिक उद्देश्य को पूरा कर रही है बल्कि समाज में सामाजिक एकता और सद्भावना की भावना को भी प्रोत्साहित कर रही है। सुबह-सुबह की ताजी हवा में प्रभु का नाम जपने से वातावरण में सकारात्मकता का संचार होता है, जिससे समाज में एकता और भाईचारे का वातावरण बनता है।
ख़बर का सार
24 वर्षों से अनवरत चल रही श्री राधे कृष्णा प्रभात फेरी आज एक ऐसी मिसाल बन चुकी है, जो समाज में एकता, प्रेम, और धार्मिकता का संदेश देती है। यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि मानवता की सेवा का प्रतीक है। प्रभात फेरी के सदस्यों का यह समर्पण और भक्ति उन्हें समाज का एक अभिन्न अंग बनाती है, और समाज में धार्मिक और मानसिक चेतना का प्रसार करती है।
