
भिलाई नगर, 20 मार्च
छत्तीसगढ़ विधानसभा में वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने दुर्ग जिले में रेत व मुरूम खनन को लेकर तारांकित प्रश्न किया। इसके जवाब में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सदन को बताया कि वर्ष 2023 से अब तक दुर्ग जिले में खनिज रेत से ₹2,03,000 तथा खनिज मुरूम परिवहन अनुमति से ₹2,29,65,000 का राजस्व प्राप्त हुआ है।
राजस्व की संक्षिप्त जानकारी
| खनिज प्रकार | प्राप्त राजस्व (रुपयों में) |
|---|---|
| रेत | 2,03,000 |
| मुरूम | 2,29,65,000 |
राज्य में रेत व मुरूम खनन पर प्रतिबंध नहीं
विधायक रिकेश सेन ने यह भी सवाल किया कि क्या राज्य में रेत व मुरूम खनन प्रतिबंधित है? इस पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ में रेत व मुरूम खनन पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।
दुर्ग जिले में रेत खनन की स्थिति
- दुर्ग जिले में शिवनाथ नदी से बड़ी मात्रा में रेत निकाली जाती है।
- जिले में 71 रेत खदानें वर्तमान में संचालित हैं।
- पर्यावरण विभाग से एनओसी मिलने के बाद 6 नई खदानों को अनुमति मिलने की संभावना है।
- प्रशासन ने अतिरिक्त खदानों की अनुमति के लिए आवेदन प्रस्तुत किया है।
क्या होंगे भविष्य में खनन के प्रभाव?
रेत व मुरूम खनन से प्राप्त राजस्व राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन इससे पर्यावरणीय चुनौतियाँ भी उत्पन्न होती हैं। प्रशासन को चाहिए कि सतत विकास को ध्यान में रखते हुए खनन गतिविधियों को नियंत्रित करे।
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