
वैशाली नगर विधानसभा में पिछले दो दिनों से कुरूद तालाब के नाम परिवर्तन के बाद विवाद छिड़ा हुआ है। इस विवाद के बीच, आज वैशाली नगर के विधायक रिकेश सेन ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की और घोषणा की कि उनके विधानसभा के 6 वार्डों का नाम बदल दिया गया है। यह घोषणा छत्तीसगढ़ क्रांति सेना की विचारधारा को ध्यान में रखते हुए की गई है, जिसमें यह माना गया कि क्षेत्र में सिर्फ छत्तीसगढ़ के पुरखों के नाम पर ही भवन एवं योजनाओं का नाम होना चाहिए।
नाम परिवर्तन की आवश्यकता और छत्तीसगढ़ की संस्कृति को सम्मान
विधायक रिकेश सेन ने इस नाम परिवर्तन के निर्णय को छत्तीसगढ़ के इतिहास और संस्कृति के प्रति सम्मान प्रकट करने के रूप में प्रस्तुत किया। उनका कहना था कि छत्तीसगढ़ क्रांति सेना द्वारा पहले से ही यह मांग की जा रही थी कि केवल छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक पुरखों के नाम पर ही क्षेत्रों के नाम रखे जाएं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा भी छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के समर्थन की पुष्टि की गई थी, जिससे विधायक का यह निर्णय और भी सशक्त हो गया।
छत्तीसगढ़ के महानायकों का सम्मान
नीचे वह सूची है जिसमें वार्डों के पुराने नाम और उनके बदले गए नाम दर्शाए गए हैं। यह परिवर्तन छत्तीसगढ़ के महान नायकों को सम्मान देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
| पहले नाम | परिवर्तित नाम |
|---|---|
| नेहरू नगर वार्ड नं. 2 | श्री खूबचंद बघेल नगर |
| राजीव नगर | शहीद वीर नारायण |
| जवाहर नगर (वार्ड 25) | पंडित सुंदरलाल शर्मा नगर |
| सोनिया गांधी | पूज्य मिनी माता नगर |
| इंदिरा गांधी नगर | छत्तीसगढ़ महतारी नगर |
| संजय गांधी नगर | तीजन बाई नगर |
नाम परिवर्तन का महत्व और छत्तीसगढ़ क्रांति सेना का समर्थन
छत्तीसगढ़ क्रांति सेना ने यह स्पष्ट किया है कि उनके अभियान का उद्देश्य है छत्तीसगढ़ की महान हस्तियों के नाम को समाज में पुनर्स्थापित करना और उन पर गर्व करना। इन नामों के माध्यम से न केवल राज्य के पुरखों का सम्मान बढ़ेगा, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को भी छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ने में मदद करेगा।
विधायक रिकेश सेन ने कहा कि वे इस परिवर्तन के माध्यम से छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के उद्देश्य को पूरा कर रहे हैं और यह उनके विधानसभा क्षेत्र के विकास और वहां के लोगों की भावना को एक नया आयाम देगा।
भविष्य में और बदलाव की संभावना
विधायक रिकेश सेन ने यह भी संकेत दिए हैं कि भविष्य में अन्य स्थानों के नाम भी छत्तीसगढ़ की महान हस्तियों के नाम पर रखे जा सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने मीडिया के माध्यम से सवाल किया कि अब इस नाम परिवर्तन पर विपक्ष का क्या कहना है, क्योंकि ये नामकरण राज्य के गौरव और उसकी संस्कृति को उजागर करने का प्रयास है।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और ऐतिहासिक पुरखों का सम्मान इस नाम परिवर्तन का मुख्य उद्देश्य है। विधायक रिकेश सेन के इस निर्णय से राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने और उसे आगे बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।
