
भिलाई जिले में धान खरीदी का कार्य जोरों पर है, लेकिन केंद्रों से धान के उठाव की प्रक्रिया में देरी से जाम की स्थिति बन रही है। केवल 7 दिन में 4.21 लाख क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है। इससे 16 खरीदी केंद्रों में बफर स्टॉक से ज्यादा धान का भंडारण हो गया है।
धान खरीदी की प्रमुख स्थिति
| समयावधि | किसानों की संख्या | धान की मात्रा (क्विंटल) |
|---|---|---|
| 7 दिन | 9,010 | 4,21,386 |
जिले में 14 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू हुई थी। इस दौरान, 5 छुट्टियों को छोड़कर केवल 7 दिन खरीदी हो पाई।
50 लाख बारदाने उपलब्ध कराए गए
धान खरीदी के लिए सहकारी समितियों को अब तक 50 लाख 8 हजार 323 नग बारदाने भेजे गए हैं, जिनमें से 10 लाख 53 हजार 465 बारदाने का उपयोग हो चुका है। जिले को इस वर्ष 1 करोड़ 70 लाख बारदानों की आवश्यकता है।
| कुल बारदाने की स्थिति | भेजे गए बारदाने | शेष बारदाने |
|---|---|---|
| 1 करोड़ 70 लाख | 50 लाख | 39 लाख 54 हजार |
नए और पुराने बारदाने का उपयोग
धान उपार्जन में 50% नए और 50% पुराने बारदाने का उपयोग हो रहा है। लेकिन नए बारदाने की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आई हैं:
- नए बारदाने का साइज लंबा है, लेकिन चौड़ाई कम।
- बारदाने पतले और सिलाई कमजोर है।
- कई केंद्रों पर पुराने बारदाने की सिलाई ठीक करके उपयोग किया जा रहा है।लगभग सभी धान खरीदी केदो में एक समस्या देखी जा रही है कि आए हुए नए बारदाना की क्वालिटी बहुत ही ज्यादा खराब है। ये दिखने में साइज में लंबे दिखते हैं किंतु चौड़ाई इनकी काम है ।,इसके अलावा यह पहले आए हुए बारदाना की अपेक्षा कुछ पतले हैं और उनकी सिलाई भी बहुत ज्यादा घटिया क्वालिटी की है । कई धान खरीदीकेंद्रों में पहले बरदानों की क्वालिटी ठीक की जा रही है ,उन्हें सिलाई की जा रही है उसके बाद उपयोग में लाया जा रहा है । कई केंद्रों से यह शिकायत भी आई है कि पतला सरना इसमें पर्याप्त रूप से नहीं आ पा रहा ।
64.48 लाख क्विंटल खरीदी का अनुमान
इस वर्ष जिले में 64.48 लाख क्विंटल धान खरीदी का अनुमान है। जिले में:
- 87 सहकारी समितियां और
- 102 खरीदी केंद्र कार्यरत हैं।
| किसानों की स्थिति | पंजीकरण संख्या | पंजीकृत रकबा (हेक्टेयर) |
|---|---|---|
| 1,14,752 किसान | 1,21,538 |
केंद्रों में बफर स्टॉक (क्विंटल)
| खरीदी केंद्र | स्टॉक (क्विंटल) | खरीदी केंद्र | स्टॉक (क्विंटल) |
|---|---|---|---|
| अंडा | 7,465.60 | डोड़की | 11,182.00 |
| जामगांव आर | 11,222.00 | दमोदा | 7,656.80 |
| डीडाभांठा | 11,528.00 | निकुम | 9,219.20 |
| बटरेल | 13,692.80 | सेलूद | 12,781.60 |
| सोनपुर | 7,454.40 | राँदा | 8,620.80 |
समस्याओं का समाधान जरूरी
- खरीदी केंद्रों से धान उठाव में तेजी लानी होगी।
- बारदानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना अनिवार्य है।
- समय पर उठाव से जाम की स्थिति को रोका जा सकता है।
निष्कर्ष: प्रशासन को इन समस्याओं का शीघ्र समाधान करना चाहिए ताकि खरीदी कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सके।
