धान खरीदी को लेकर 10 दिसंबर को कांग्रेस का प्रदेशव्यापी, ब्लाक स्तरीय धरना

धान खरीदी को लेकर 10 दिसंबर को कांग्रेस का प्रदेशव्यापी, ब्लाक स्तरीय धरना

धान खरीदी को लेकर 10 दिसंबर को कांग्रेस का प्रदेशव्यापी, ब्लाक स्तरीय धरना

रायपुर, 7 दिसंबर: धान खरीदी में कांग्रेस का बड़ा सवाल: किसानों के हितों की अनदेखी क्यों?
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस पार्टी ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने कहा कि धान खरीदी केंद्रों की अव्यवस्था और किसानों को होने वाली परेशानियों को लेकर सरकार को तत्काल कदम उठाने चाहिए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने पत्रकारवार्ता में धान खरीदी से जुड़ी कई अहम समस्याओं को उजागर किया और सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।


📌 कांग्रेस का दावा: पहले 2640 रु./क्विंटल में खरीदा था धान

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा:

  • बीज उत्पादक किसानों से सोसायटी में धान नहीं खरीदा जा रहा है, जबकि ऐसा होना चाहिए।
  • धान संग्रहण केंद्रों और मिलरों के बीच अनावश्यक परिवहन लागत बढ़ाई जा रही है।
  • लेबर चार्ज में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
  • पिछले साल का भुगतान सोसायटियों को अब तक नहीं दिया गया।

दीपक बैज ने सरकार से सीधे मिलरों तक धान पहुंचाने की व्यवस्था को लागू करने की मांग की।


🌾 टोकन व्यवस्था और किसानों की परेशानी

पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष धनेन्द्र साहू ने कहा:

  • कांग्रेस के दबाव के बाद टोकन व्यवस्था में 60-40 प्रतिशत का आदेश आया।
  • लेकिन 60% टोकन 15 जनवरी तक ही भरे गए हैं, जबकि धान खरीदी की अंतिम तारीख 31 जनवरी है।
  • मध्यम और बड़े किसान अभी भी अपना धान नहीं बेच पाए हैं।
  • ऑफलाइन भ्रष्टाचार रोकने के लिए कांग्रेस सरकार ने इसे बंद किया था।

धनेन्द्र साहू ने धान खरीदी की तारीख 15 दिन बढ़ाने और प्रतिदिन की लिमिट बढ़ाने की मांग की।


📊 सरकार की धान खरीदी पर सवाल

पूर्व मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा:

  • सरकार ने 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा है, लेकिन अब तक सिर्फ 6600 करोड़ रुपये का ही धान खरीदा गया।
  • बारदाने की कमी, टोकन देने में देरी और तौल कांटों की समस्याओं से सरकार घिरी हुई है।
  • कांग्रेस सरकार के समय 135 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया था, वह भी बिना किसी समस्या के।

उन्होंने कहा कि अगर सरकार यही रफ्तार बनाए रखती है, तो 160 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य पूरा करना असंभव होगा।


💡 समाधान और सुझाव

वरिष्ठ कांग्रेस नेता सत्यनारायण शर्मा ने कहा:

  • लिफ्टिंग की प्रक्रिया को तेज किया जाए।
  • राइस मिलर्स को क्वालिटी जांच के लिए बेहतर सुविधाएं दी जाएं।
  • किसानों को एकमुश्त भुगतान किया जाए, जैसा कि भाजपा के घोषणा पत्र में वादा किया गया था।

👥 कांग्रेस की टीम का आह्वान

पत्रकारवार्ता में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मौजूद थे, जिन्होंने किसानों की समस्याओं पर एकजुटता दिखाई।

  • दीपक बैज,
  • रविन्द्र चौबे,
  • धनेन्द्र साहू,
  • सत्यनारायण शर्मा,
  • सुरेन्द्र वर्मा और अन्य।

किसानों का समर्थन: कांग्रेस का वादा

कांग्रेस ने राज्य सरकार से धान खरीदी में पारदर्शिता और किसानों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने की अपील की। पार्टी का कहना है कि अगर यह स्थिति जारी रही, तो छत्तीसगढ़ के किसान गहरे संकट में आ सकते हैं।

👉 धान खरीदी प्रक्रिया में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। सरकार को किसानों के हितों के लिए सजग रहना होगा।


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