
70 मिलर्स ने कराया पंजीयन: जल्द उठाव संभव
दुर्ग The CG khabar
कस्टम मिलिंग के मुद्दे पर मिलर्स और सरकार के बीच जारी गतिरोध अब समाप्त हो गया है। इस समझौते के बाद मिलर्स ने खरीदी केंद्रों से धान के उठाव के लिए सहमति जता दी है। जिले में धान के उठाव की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
प्रमुख बिंदु
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| मिलर्स का पंजीयन | 70 मिलर्स ने धान उठाव के लिए पंजीयन कराया। |
| धान का अनुबंध | 2,87,376 टन धान के लिए एग्रीमेंट किया गया। |
| खरीदी केंद्रों में धान का भंडारण | 16.67 लाख क्विंटल धान 102 खरीदी केंद्रों में जमा। |
| संग्रहण केंद्रों की तैयारी | संग्रहण केंद्रों को खोलने की प्रक्रिया तेज। |
धान उठाव की मौजूदा स्थिति
जिले में 70 मिलर्स ने पंजीयन कराते हुए 2 लाख 87 हजार 376 टन धान के उठाव के लिए सहमति दी है। इसके बाद सोमवार से 102 खरीदी केंद्रों से धान का उठाव शुरू होने की उम्मीद है।
धान की अधिकता: खरीदी केंद्रों की स्थिति
जिले में धान का 16.67 लाख क्विंटल का भंडारण किया गया है। यह सभी धान 102 खरीदी केंद्रों में खुले आसमान के नीचे रखा गया है, जिससे फसल खराब होने का खतरा बना हुआ है। इनमें से 93 केंद्रों में ओवर स्टॉक की स्थिति है, जिससे धान का उठाव और खरीदी प्रक्रिया दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
आंकड़ों के अनुसार:
| क्र.सं. | विवरण | आंकड़े |
|---|---|---|
| 1 | कुल धान का भंडारण | 16.67 लाख क्विंटल |
| 2 | ओवर स्टॉक केंद्र | 93 केंद्र |
| 3 | कुल खरीदी केंद्र | 102 केंद्र |
संग्रहण केंद्रों की आवश्यकता
धान के भारी मात्रा में जमा होने से खरीदी प्रक्रिया पर प्रभाव पड़ रहा है। इसके समाधान के लिए प्रशासन ने संग्रहण केंद्रों को खोलने की योजना बनाई है।
प्रमुख कारण:
- खरीदी केंद्रों पर धान के ओवर स्टॉक की समस्या।
- सभी केंद्रों पर उठाव प्रक्रिया समान रूप से संभव नहीं।
- खरीदी प्रक्रिया में बाधा आने की संभावना।
समाधान के प्रयास
मिलर्स से अनुबंध के बाद भी धान उठाव में दिक्कतें आ सकती हैं। इस समस्या को हल करने के लिए संग्रहण केंद्रों को जल्द चालू करने की योजना बनाई गई है।
निष्कर्ष
मिलर्स और सरकार के बीच समझौता होने के बाद कस्टम मिलिंग की प्रक्रिया सुचारू होने की उम्मीद है। हालाँकि, खरीदी केंद्रों पर जमा धान की भारी मात्रा और ओवर स्टॉक की स्थिति के कारण प्रशासन को अब संग्रहण केंद्रों की शुरुआत करनी होगी।
धान उठाव की प्रक्रिया में सफलता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन, मिलर्स, और अन्य संबंधित पक्षों के बीच समन्वय आवश्यक है।
