
भिलाई, 10 दिसंबर 2024:
छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी और 1857 की क्रांति के महानायक, वीर नारायण सिंह जी की 167वीं पुण्यतिथि के अवसर पर भिलाई इस्पात संयंत्र एससी/एसटी एम्प्लॉईज एसोसिएशन द्वारा भव्य पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत माननीय कमल कुमार टंडन, महाप्रबंधक (ऊर्जा प्रबंधन विभाग), भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा तैलचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुई।
वीर नारायण सिंह: गरीबों के मसीहा
मुख्य अतिथि कमल कुमार टंडन ने अपने संबोधन में वीर नारायण सिंह जी के बलिदान को याद करते हुए कहा:
“वीर नारायण सिंह ने भूखी जनता को राहत देने के लिए जमींदारों के अन्न भंडार लूटकर गरीबों में बांट दिया। अंग्रेजों ने उन्हें दुश्मन मानकर 10 दिसंबर 1857 को रायपुर के जय स्तंभ चौक में फांसी पर चढ़ा दिया।”
आदिवासियों की अस्मिता की लड़ाई
विशिष्ट अतिथि श्याम लाल नेगी, उपमहाप्रबंधक (टीएंडडी), ने आदिवासियों के संघर्ष पर प्रकाश डालते हुए कहा:
“हमारे पूर्वज सदियों से अपनी अस्मिता और जल, जंगल, जमीन के लिए लड़ाई लड़ते आए हैं। आज भी यह संघर्ष जारी है। हमें संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठानी होगी।”
इतिहास से प्रेरणा लेने की अपील
एसोसिएशन के अध्यक्ष कोमल प्रसाद ने सभी से अपने महापुरुषों के बलिदान को याद करने और उनसे प्रेरणा लेने की अपील की। उन्होंने कहा:
“जो समाज अपना इतिहास नहीं जानता, वह कभी इतिहास नहीं बना सकता। हमें संवैधानिक तरीके से संगठित होकर संघर्ष करना होगा।”
कार्यक्रम का संचालन
कार्यक्रम का संचालन एसोसिएशन के महासचिव विजय कुमार रात्रे ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन कार्यकारी अध्यक्ष चेतन लाल राणा ने दिया।
विशिष्ट उपस्थिति
इस कार्यक्रम में एसोसिएशन के उपाध्यक्ष वेद प्रकाश सूर्यवंशी, संगठन सचिव परमेश्वर कुर्रे, कोषाध्यक्ष अनिल कुमार खेलवार, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
वीर नारायण सिंह का योगदान
वीर नारायण सिंह का बलिदान छत्तीसगढ़ की माटी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका जीवन गरीबों और असहायों के लिए समर्पित रहा। ऐसे कार्यक्रम उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम हैं।
छत्तीसगढ़ की हर धड़कन से जुड़े रहें।
