बड़ी खबर ! 7 लाख से ज्यादा अनियमित कर्मचारियों के लिए खुशखबरी

बड़ी खबर ! 7 लाख से ज्यादा अनियमित कर्मचारियों के लिए खुशखबरी

बड़ी खबर! 7 लाख से ज्यादा अनियमित कर्मचारियों के लिए कोर्ट से खुशखबरी “दशकों तक अस्थायी रखना अधिकारों का हनन है”
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का सख्त आदेश – वन विभाग में 4 महीने के अंदर फैसला लें

रायपुर | The CG ख़बर | छत्तीसगढ़ के लाखों परिवारों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि सरकारी कामों में बरसों-बरस तक कर्मचारियों को अस्थायी या अनियमित रखना उनके संवैधानिक अधिकारों और मानवीय सम्मान का सीधा उल्लंघन है। खासकर वन विभाग के कर्मचारियों के मामले में कोर्ट ने राज्य सरकार को 4 महीने के अंदर नियमितीकरण या स्थायीकरण पर ठोस फैसला लेने का सख्त निर्देश दिया है। इस फैसले ने पूरे प्रदेश के 7,26,847 अनियमित कर्मचारियों में नई उम्मीद जगा दी है।


⬛ एक नजर में पूरी खबर

  • 7.26 लाख+ अनियमित कर्मचारी 25-30 साल से सेवा दे रहे हैं
  • 150 से ज्यादा कर्मचारी संगठन लगातार संघर्ष कर रहे हैं
  • कोर्ट: “अस्थायी रखना बंधुआ मजदूरी जैसी स्थिति है”
  • भाजपा का चुनावी वादा – 100 दिन में समिति बनाकर समस्या सुलझाएंगे, लेकिन आज तक बैठक तक नहीं
  • पुरानी कमेटियां (2014 और 2019) भी बेनतीजा रहीं

विभागवार अनियमित कर्मचारियों का पूरा ब्योराभाग-1: आउटसोर्सिंग, ठेका एवं संविदा आधारित (कुल: 2,10,634)

श्रेणीसंख्या
ठेका/सेवा प्रदाता40,615
मानदेय30,946
जॉब दर44,654
अंशकालीन12,663
कलेक्टर दर/श्रमिक31,821
संविदा49,935

भाग-2: न्यूनतम मानदेय एवं जॉब दर पर (कुल: 4,76,279)

प्रमुख श्रेणीसंख्या
मितानिन87,025
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका1,24,714
मध्याह्न भोजन रसोइया43,301
डिजिटल महिला (बीसी सखी)1,15,632
पटेल (राजस्व ग्राम अधिकारी)46,660
स्वच्छता दीदी/स्कूल सफाई25,254
अन्य (किसान मित्र, पंचायत भृत्य आदि)बाकी

भाग-3पृथक अनियमित कर्मचारी: 39,934ग्रैंड टोटल: 7,26,847


कर्मचारियों की दर्द भरी हकीकत

  • 25-30 साल से लगातार काम, लेकिन आधे वेतन से भी कम
  • PF, पेंशन, छुट्टी, मेडिकल सुविधा जैसी कोई सुरक्षा नहीं
  • कई जगह सिर्फ कलेक्टर दर पर भुगतान, वो भी अनियमित
  • स्थिति बंधुआ मजदूर से भी बदतर बताई जा रही है

कर्मचारी नेताओं की प्रतिक्रिया संजय एड़े
कार्यकारी अध्यक्ष, नगरीय निकाय प्लेसमेंट कर्मचारी महासंघ

“हाईकोर्ट का यह आदेश हमारे लंबे संघर्ष की जीत है। अब सरकार को तुरंत सभी विभागों में नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।”

गोपाल साहू
प्रदेश अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ प्रगतिशील अनियमित कर्मचारी फेडरेशन

“कोर्ट ने स्पष्ट कह दिया है – ज्यादा दिन तक अस्थायी नहीं रखा जा सकता। शासन को कोर्ट की अवमानना से बचते हुए तत्काल कदम उठाने चाहिए।”


शासन पर सवालभाजपा के विधानसभा चुनाव घोषणा-पत्र में अनियमित कर्मचारियों की समस्याओं को प्राथमिकता दी गई थी। वादा था – 100 दिन में कमेटी गठित कर समाधान। लेकिन सवा दो साल बीतने के बावजूद एक भी बैठक नहीं हुई। क्या अब हाईकोर्ट के इस सख्त आदेश के बाद सरकार एक्शन लेगी? या फिर पुरानी कमेटियों की तरह यह भी फाइलों में दब जाएगा?


✍️The CG ख़बर का रुख:
यह सिर्फ वन विभाग का मुद्दा नहीं है। यह पूरे छत्तीसगढ़ के 7 लाख से ज्यादा परिवारों का मुद्दा है। जिन्होंने दशकों तक बिना सुरक्षा के सरकारी काम संभाला, उन्हें अब उनका हक मिलना चाहिए। नियमितीकरण अब सिर्फ मांग नहीं, कोर्ट का निर्देश बन चुका है। अपडेट्स के लिए The CG ख़बर के साथ बने रहें|

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