छत्तीसगढ़ विधानसभा में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को राहत की उम्मीद: विधायक रिकेश सेन ने उठाई आवाज, सदन ने मांगी रिपोर्ट

छत्तीसगढ़ विधानसभा में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को राहत की उम्मीद: विधायक रिकेश सेन ने उठाई आवाज, सदन ने मांगी रिपोर्ट

छत्तीसगढ़ विधानसभा में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को राहत की उम्मीद: विधायक रिकेश सेन ने उठाई आवाज, सदन ने मांगी रिपोर्ट

भिलाई नगर, 17 दिसंबर।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन भाजपा विधायक रिकेश सेन ने वर्षों से लंबित नगरीय निकाय के 251 सेवानिवृत्त कर्मचारियों के अधिकारों की आवाज को सदन के समक्ष मजबूती से उठाया। विधायक ने नियम 138 (1) के तहत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए 2018 से 2024 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों के उपादान, अर्जित अवकाश नगदीकरण और पेंशन की लंबित राशि पर सरकार का ध्यान खींचा। इस मुद्दे पर सदन में गंभीर चर्चा हुई और सरकार ने कमिश्नर से रिपोर्ट तलब कर दी है।

वर्षों से लंबित भुगतान और कर्मचारियों की दुर्दशा

विधायक रिकेश सेन ने सदन में बताया कि छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय के 251 सेवानिवृत्त कर्मचारी पिछले 6 वर्षों से अपनी उपादान राशि और अर्जित अवकाश नगदीकरण की मांग को लेकर भटक रहे हैं। इतना ही नहीं, भिलाई नगर निगम के 33 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को कार्यभारित सेवा के बाद से अब तक पेंशन का भुगतान नहीं किया गया है।

उन्होंने कहा:

“अपने जीवन का अधिकांश समय जनसेवा में लगाने वाले ये सेवानिवृत्त कर्मचारी आर्थिक तंगी और मानसिक अवसाद का सामना कर रहे हैं। सरकार का दायित्व है कि वह इनके हक का भुगतान अतिशीघ्र सुनिश्चित करे।”

सेवानिवृत्त कर्मचारियों का प्रतिनिधि मंडल मिला विधायक से

विगत दिनों नगर निगम भिलाई के 33 और अन्य नगरीय निकायों से सेवानिवृत्त कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल विधायक रिकेश सेन से मिला था। उन्होंने बताया कि 2018 से लेकर अब तक वे अपनी पेंशन और बकाया राशि के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा:

“वर्षों की सेवा के बाद हम अपने ही पैसों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। विधायक सेन हमारी आखिरी उम्मीद हैं।”

विधायक सेन ने भरोसा दिलाया कि वे इस मुद्दे को राज्य सरकार तक पहुंचाकर न्याय सुनिश्चित करेंगे।

सरकार की पहल: सदन में बड़ी कार्रवाई का संकेत

विधानसभा सत्र में विधायक की इस गंभीर मांग पर नगरीय निकाय मंत्री ने तत्काल संज्ञान लिया और संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास उप संचालक (पेंशन) को आदेश जारी करने के निर्देश दिए। आदेश में प्रदेश के सभी नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों को 2018 से 2024 तक के बकाया उपादान और पेंशन की जानकारी प्रस्तुत करने को कहा गया है।

इस निर्णय के बाद अब सेवानिवृत्त कर्मचारियों को राहत की उम्मीद जगी है।


विधायक रिकेश सेन की प्रतिबद्धता और कर्मचारियों की आशा

विधायक रिकेश सेन की इस पहल से करीब 251 सेवानिवृत्त कर्मचारी और उनके परिवारों में खुशी की लहर है। यह मामला सिर्फ आर्थिक नहीं बल्कि सम्मान का भी है। उन्होंने सदन में अपनी बात रखते हुए स्पष्ट किया:

“यह सरकार का कर्तव्य है कि वर्षों तक सेवा देने वाले कर्मचारियों को उनका हक मिले। मैं हरसंभव प्रयास करूंगा कि लंबित राशि का भुगतान जल्द से जल्द हो।”


लंबित भुगतान की पूरी स्थिति

वर्षसेवानिवृत्त कर्मचारीसमस्या
2018-2024251उपादान और अर्जित अवकाश नगदीकरण
2018-202433 (भिलाई नगर निगम)कार्यभारित सेवा से पेंशन न मिलना

इस स्थिति में सरकार की कार्रवाई का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को अब रिपोर्ट आने और लंबित भुगतान के आदेश जारी होने का इंतजार है।


निष्कर्ष: विधानसभा की पहल से उम्मीद

विधायक रिकेश सेन की इस मुद्दे पर सक्रियता और सदन में ठोस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि राज्य सरकार अब इस विषय को गंभीरता से ले रही है। यदि आदेश के तहत बकाया पेंशन और उपादान का भुगतान सुनिश्चित किया जाता है, तो यह 251 से अधिक सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा।

आगामी दिनों में सरकार की रिपोर्ट और भुगतान प्रक्रिया पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

यह खबर भिलाई नगर के हजारों लोगों के साथ ही प्रदेशभर के कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत की उम्मीद लेकर आई है।

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