
राजधानी रायपुर में संसदीय समिति की बैठक संपन्न ।
The CG ख़बर : छत्तीसग रेटढ़ की राजधानी रायपुर के माइरा रिसोर्ट एवं कन्वेंशन में सेल एससी-एसटी एम्प्लाईज फेडरेशन की केंद्रीय समिति के साथ संसदीय समिति की बैठक आयोजित हुई। इस बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष गोरंगो मण्डल ने की, जबकि भिलाई इस्पात संयंत्र एससी-एसटी एम्प्लाईज एसोसिएशन के अध्यक्ष और फेडरेशन के उपाध्यक्ष कोमल प्रसाद, महासचिव विजय कुमार रात्रे, और कार्यकारी अध्यक्ष चेतन लाल राणा ने प्रमुख भूमिका निभाई।
बैठक में उठाए गए मुख्य मुद्दे
| क्रमांक | मुद्दा | विवरण |
|---|---|---|
| 1 | प्रमोशन में आरक्षण | सभी इकाइयों में पदोन्नति में आरक्षण सुनिश्चित करने पर चर्चा। |
| 2 | ट्रेनिंग प्रोग्राम | एससी-एसटी अधिकारियों और कर्मचारियों को आरक्षण नीति पर प्रशिक्षण की व्यवस्था। |
| 3 | डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर म्यूजियम और पुस्तकालय | सभी इकाइयों में उनकी गरिमा के अनुसार म्यूजियम और पुस्तकालय की स्थापना। |
| 4 | वोकेशनल ट्रेनिंग | बेरोजगार युवाओं को वेल्डिंग, गैस कटिंग जैसी रोजगारोन्मुखी ट्रेनिंग। |
| 5 | पेयजल की व्यवस्था | माइंस क्षेत्र में साफ पेयजल की व्यवस्था। |
| 6 | बाबासाहेब के नाम पर स्कॉलरशिप और अवार्ड | सभी इकाइयों में स्कॉलरशिप और अवार्ड प्रदान करना। |
| 7 | एनजेसीएस और अपेक्स लेवल में प्रतिनिधित्व | एससी-एसटी प्रतिनिधियों को महत्वपूर्ण कमेटियों में स्थान। |
प्रमुख निर्णय और आश्वासन
बैठक में 13 सूत्रीय मांगों पर जोरदार चर्चा हुई। संसदीय समिति ने इन मांगों को शीघ्र पूरा करने का आश्वासन दिया।
संसदीय समिति के प्रमुख सदस्य
बैठक की अध्यक्षता फग्गन सिंह कुलस्ते, पूर्व केंद्रीय इस्पात राज्य मंत्री, ने की। अन्य उपस्थित सदस्य:
- नगिना सांसद चंद्रशेखर आजाद
- प्रतिमा मंडल
- हरिशचंद्र मीणा
- मल्लू रवि
- जगन्नाथ सरकार
- डॉ. गोविंद मखखपा करजोल
- फूलो देवी नेताम (राज्यसभा सांसद)
सेल की विभिन्न इकाइयों से प्रतिनिधित्व
इस बैठक में सेल के 16 इकाइयों के प्रतिनिधि उपस्थित थे, जिनमें प्रमुख रूप से भिलाई, राउरकेला, दुर्गापुर, सेलम, बर्नपुर, भद्रावती और रांची शामिल हैं।
| पद | प्रतिनिधि का नाम |
|---|---|
| अध्यक्ष | कोमल प्रसाद |
| कार्यकारी अध्यक्ष | चेतन लाल राणा |
| महासचिव | विजय कुमार रात्रे |
| कोषाध्यक्ष | अनिल कुमार खेलवार |
समाजसेवी बहादुर जैसवारा, रामदुलारे, और भूलन प्रसाद समेत कई अन्य प्रमुख लोग भी उपस्थित थे।
निष्कर्ष
यह बैठक एससी-एसटी कर्मचारियों और अधिकारियों के अधिकारों को संरक्षित करने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। संसदीय समिति ने उठाए गए मुद्दों पर जल्द से जल्द कार्यवाही का आश्वासन दिया।
