
The CG ख़बर
प्रशासन ने धान खरीदी फिर शुरू की, लेकिन समस्याएं बरकरार
मुख्य तथ्य
| विषय | विवरण |
|---|---|
| धान खरीदी | सोमवार से बंद केंद्रों में पुनः शुरू |
| किसानों की चेतावनी | आंदोलन और कलेक्टोरेट में धान रखने की धमकी |
| धान उठाव | 7500 क्विंटल, गति अपर्याप्त |
| मुख्य बाधा | जीपीएस की कमी और जगह का अभाव |
धान खरीदी की मौजूदा स्थिति
किसानों की चेतावनी के बाद प्रशासन ने बंद पड़े खरीदी केंद्रों में सोमवार से धान खरीदी पुनः शुरू करने का निर्णय लिया। कई कर्मचारियों ने रविवार के अवकाश के बावजूद खरीदी योग्य स्थान तैयार किया, लेकिन यह व्यवस्था केवल 2-3 दिन की खरीदी के लिए पर्याप्त है।
प्रभावित केंद्र:
- नगपुरा
- भेड़सर
- दमौदा
- कन्हारपुरी
- डोड़की
- सांतरा
धान उठाव: धीमी प्रगति
प्रशासन के प्रयास के बावजूद धान का उठाव अपेक्षित गति से नहीं हो पा रहा।
- रविवार को: 7500 क्विंटल धान का उठाव
- प्रभावित केंद्र: डोड़की और कन्हारपुरी में उठाव शून्य
- उठाव दर:
- नगपुरा, भेड़सर, दमौदा: 600-600 क्विंटल
- सांतरा: तीन गाड़ियों से उठाव
बाधाएं और प्रशासनिक चुनौतियां
| चुनौती | विवरण |
|---|---|
| जीपीएस की कमी | केवल 40-45 ट्रकों में GPS; 200 ट्रकों की आवश्यकता |
| पर्याप्त स्थान का अभाव | धान रखने की जगह सीमित |
| उठाव में अंतर | खरीदी गति 1.25 लाख क्विंटल/दिन, जबकि उठाव गति धीमी |
किसानों का आक्रोश बढ़ा
धान का उठाव न होने से किसान आंदोलित हैं।
- नगपुरा के किसान: सोमवार तक खरीदी शुरू न होने पर धान कलेक्टोरेट में रखने की चेतावनी।
- किसान संगठन: सोमवार की समयसीमा तय, सड़क पर आंदोलन की तैयारी।
निष्कर्ष और भविष्य की संभावना
प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों के बावजूद समस्याएं गहराती जा रही हैं। यदि जल्द ही धान का उठाव तेज़ नहीं हुआ, तो किसानों का आक्रोश एक बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।
समाधान की राह:
- जीपीएस युक्त ट्रकों की उपलब्धता बढ़ाना।
- उठाव प्रक्रिया को तेज करना।
- पर्याप्त स्थान और संसाधनों का प्रबंध।
नोट: प्रशासन के लिए यह समय किसानों की मांग और व्यवस्था में सुधार के बीच संतुलन बनाने का है।
