
सेलूद, 30 दिसंबर: पाटन क्षेत्र में आरटीओ नियमों की अनदेखी के चलते ओवरलोड ट्रकों का आतंक बढ़ता जा रहा है। मंगलवार सुबह बजरंग चौक, सेलूद में एक बड़ा हादसा होते-होते टला, जब धान से भरे ट्रक (क्रमांक CG 07 BJ 7206) से धान की बोरी सड़क पर गिरकर एक महिला को गंभीर रूप से घायल कर गई। यह घटना क्षेत्र में ओवरलोड ट्रकों के कारण हो रही समस्याओं को उजागर करती है।
ओवरलोड ट्रक: नियमों की खुलेआम अनदेखी
पाटन क्षेत्र में धान के परिवहन के दौरान आरटीओ नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। निर्धारित क्षमता से अधिक धान लादे ट्रकों का सड़कों पर दौड़ना आम हो गया है। यह न केवल सड़क दुर्घटनाओं की संभावना को बढ़ा रहा है, बल्कि सड़कों की स्थिति को भी बदतर बना रहा है।
ओवरलोडिंग से सड़कों और जनता को हो रहा नुकसान
ओवरलोड ट्रकों के कारण:
- सड़कें हो रहीं खराब: सड़कों की क्षमता से अधिक वजन ढोने के कारण सड़कें जल्दी टूट रही हैं।
- दुर्घटनाओं का खतरा: सड़कों पर गिरी हुई बोरियों और भारी वाहनों की अनियंत्रित गति के कारण आम जनता के लिए खतरा बढ़ गया है।
- टैक्स चोरी: ओवरलोडिंग के जरिए परिवहन में टैक्स चोरी की भी खबरें आ रही हैं।
सिस्टम की विफलता और प्रशासन की चुप्पी
जब किसान अपने ट्रैक्टरों में फसल लेकर सहकारी समितियों में बेचने जाते हैं, तो उनके वाहनों को ओवरलोड के नाम पर जुर्माना लगाया जाता है। इसके विपरीत, भारी भरकम ओवरलोड ट्रकों पर कोई कार्रवाई नहीं होती।
आरटीओ अधिकारियों से इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया मांगने की कोशिश की गई, लेकिन फोन नहीं उठाया गया। पाटन एसडीएम लवकेश ध्रुव ने बताया कि ट्रकों की निर्धारित क्षमता और नियमों के उल्लंघन पर डीएमओ और परिवहन अधिकारी से जानकारी मांगी गई है।
बीते दिनों की घटनाएं जो बनीं चेतावनी
- जामगांव आर में हादसा: एक ओवरलोड ट्रक से सैकड़ों बोरी धान सड़क पर गिर गई।
- रायपुर-फुंडा मार्ग पर खतरनाक स्थिति: इसी तरह, सड़क पर धान की बोरियां गिरने की घटनाएं सामने आईं, जिससे राहगीरों को खतरा हुआ।
आवश्यकता है सख्त कदमों की
यह स्पष्ट है कि ओवरलोड ट्रकों के खिलाफ कार्रवाई न होने से क्षेत्र में दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ रहा है। प्रशासन को इन घटनाओं पर गंभीरता से ध्यान देना होगा और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना होगा।
निष्कर्ष:
ओवरलोड ट्रकों की समस्या केवल सड़क और यातायात की नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक सुरक्षा का भी बड़ा मुद्दा है। प्रशासन को जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए त्वरित और कठोर कदम उठाने होंगे ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
