पीपरभट्ठा रचेगा पुनः इतिहास 🟧 छत्तीसगढ़ के भाग्यशाली मानस मंडलियों का महासंगम

पीपरभट्ठा रचेगा पुनः इतिहास 🟧 छत्तीसगढ़ के भाग्यशाली मानस मंडलियों का महासंगम

पीपरभट्ठा रचेगा पुनः इतिहास 🟧 छत्तीसगढ़ के भाग्यशाली मानस मंडलियों का महासंगम

The CG ख़बर | बेमेतरा जिले के ऐतिहासिक ग्राम पीपरभट्ठा में आगामी 4 जनवरी से 8 जनवरी तक एक ऐसा आयोजन होने जा रहा है, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। इस विराट आयोजन का नाम “पंच दिवसीय मानस महाकुंभ” रखा गया है, जो अपने आप में अनूठा और अद्वितीय है।

इतिहास के पन्नों में दर्ज पीपरभट्ठा का योगदान

यह ग्राम अपनी सांस्कृतिक धरोहर और आध्यात्मिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। यहां बीते वर्षों में पूज्य पदम विभूषित श्री राम किंकर महराज की कृपा पात्र शिष्या दीदी मां मंदाकिनी श्री राम किंकर ने “मानस पीयूष वर्षण” और “अलंकरण समारोह” का आयोजन किया था। इस आयोजन ने पूरे भारतवर्ष में पीपरभट्ठा को एक विशेष पहचान दिलाई थी।

इस बार, यह परंपरा और भी भव्य रूप ले रही है। जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी श्री राम दिनेशाचार्य जी महाराज के पावन सान्निध्य में यह आयोजन संपन्न होगा। उनका आगमन पीपरभट्ठा के लिए गौरव का विषय है।

छत्तीसगढ़ की भाग्यशाली मानस मंडलियों का महासंगम

इस पंच दिवसीय उत्सव में छत्तीसगढ़ की प्रमुख मानस मंडलियां हिस्सा लेंगी। इनमें से कई मंडलियां प्रदेश की संस्कृति और अध्यात्म को नए आयाम देने के लिए जानी जाती हैं। इस आयोजन में मा भद्रकाली जिला मानस संघ, बेमेतरा को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।

मानस दर्शन जीवन अर्पण छत्तीसगढ़ संघ, जो पिछले सात वर्षों से प्रदेश के सभी मानस संघों को जोड़ने का कार्य कर रहा है, भी इस आयोजन में भाग लेगा। संघ की वार्षिक पत्रिका “मानस पुंज” के संपादक मंडल द्वारा काव्य पाठ किया जाएगा, जो इस आयोजन को और भी रोचक बनाएगा।

भव्य आयोजन की तैयारी में जुटा पूरा ग्राम

पीपरभट्ठा के लोग इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। आयोजन की तैयारी में मुख्य भूमिका निभाने वाले लोगों में बिहारी यादव, विष्णु साहू, लखन वर्मा, लक्ष्मण चौहान, थलेश्वर साहू, टीकाराम साहू, रमेश साहू, मनोहर यदु, शिव साहू, राजकुमार ताम्रकार, माखन साहू, छगन साहू, डॉ. ओंकार चंद्राकर, गजेंद्र वर्मा, और महेश साहू का विशेष योगदान है।

इसके अलावा, लता साहू, कल्याणी सेन, पप्पू सेन, और ओम यदु जैसे समर्पित कार्यकर्ता भी आयोजन की तैयारियों में जुटे हुए हैं। आयोजन को भव्य बनाने में अंशु साउंड और अन्य तकनीकी टीम भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

विशेष आकर्षण: श्रद्धा और साहित्य का संगम

आयोजन में केवल मानस पाठ और भजन कीर्तन ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को भी प्रदर्शित किया जाएगा। साहित्य, कला और अध्यात्म का संगम इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहेगा।

इस आयोजन का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और परंपराओं को देश-विदेश में पहचान दिलाना भी है।

समाज को जोड़ने का प्रयास

पीपरभट्ठा में इस आयोजन के माध्यम से समाज को एक नई दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है। श्री राम सेवा सत्संग समिति और ग्रामवासियों ने इस परंपरा को जीवित रखने और इसे हर वर्ष भव्य रूप देने का संकल्प लिया है।

कार्यक्रम का संभावित शेड्यूल

  • 4 जनवरी: भव्य शुभारंभ और मानस पाठ।
  • 5 जनवरी: छत्तीसगढ़ की मानस मंडलियों का प्रस्तुति सत्र।
  • 6 जनवरी: विशेष काव्य पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रम।
  • 7 जनवरी: जगद्गुरु रामानंदाचार्य जी का प्रवचन।
  • 8 जनवरी: समापन समारोह और आशीर्वाद वितरण।

संपूर्ण ग्राम में उत्साह का माहौल

ग्राम पीपरभट्ठा इस आयोजन को लेकर बेहद उत्साहित है। पूरे गांव में सजावट और कार्यक्रम की तैयारियों से माहौल उत्सवमय हो गया है। गांववासियों का समर्पण और उनकी मेहनत इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए पर्याप्त है।

समापन

पीपरभट्ठा का यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर का उत्सव है। यह आयोजन न केवल ग्रामवासियों के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

तो आइए, इस पंच दिवसीय मानस महाकुंभ का हिस्सा बनें और छत्तीसगढ़ की संस्कृति और अध्यात्म के इस अद्भुत संगम को अनुभव करें।

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