फेरो स्क्रैप में लाखोटिया और ठेकेदार को बीएसपी में घुसने नहीं देंगे – अरुण सिसोदिया

फेरो स्क्रैप में लाखोटिया और ठेकेदार को बीएसपी में घुसने नहीं देंगे – अरुण सिसोदिया

ठेका श्रमिकों को प्रतिमाह ₹35,000 वेतन देने की मांग

भिलाई नगर |फेरो स्क्रैप वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष Arun Singh Sisodia ने कहा है कि जब तक कर्मचारियों के मुद्दों पर लिखित समझौता नहीं होता, तब तक किसी भी नए ठेकेदार को बीएसपी परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।यह बयान Bhilai Steel Plant (बीएसपी) के फेरो स्क्रैप कार्य से जुड़ा है।


प्रमुख मांगें

क्रमांकमांगविवरण
1न्यूनतम वेतनठेका श्रमिकों को प्रतिमाह ₹35,000 वेतन
2दैनिक भत्ता (AWA)प्रतिदिन ₹142 एडब्ल्यूए
3छंटनी पर रोकश्रमिकों की छंटनी और ट्रांसफर बंद किया जाए
4लिखित समझौतायूनियन और कर्मचारियों के अधिकारों की गारंटी

कंपनी बिक्री और रोजगार पर विवाद

सिसोदिया ने आरोप लगाया कि फेरो स्क्रैप निगम एक सरकारी कंपनी थी जिसे लगभग ₹320 करोड़ में बेचा गया।उन्होंने कहा कि सरकार को कंपनी बेचने का अधिकार हो सकता है, लेकिन कर्मचारियों को बेचने का अधिकार नहीं।यूनियन का दावा है कि लगभग 1200 कर्मचारियों और उनके परिवारों के रोजगार पर संकट आया है, जिससे भिलाई में करीब 5000 लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है।


टेंडर प्रक्रिया पर सवाल

टेंडर वैल्यूआवंटित राशिअंतर
₹390 करोड़₹225 करोड़₹165 करोड़ कम
₹169 करोड़₹86 करोड़₹83 करोड़ कम
₹160 करोड़₹78 करोड़₹82 करोड़ कम

यूनियन ने इसे कर्मचारियों के हितों के खिलाफ और समझौते का उल्लंघन बताया है।


1 अप्रैल से आंदोलन की चेतावनी

यूनियन ने स्पष्ट किया है कि 1 अप्रैल से कोई नया ठेकेदार फेरो स्क्रैप में काम शुरू नहीं कर पाएगा।संयुक्त बैठक में वरिष्ठ नेता गजेंद्र सिंह, अरुण सिंह सिसोदिया और राजूलाल श्रेष्ठ ने इसे करो या मरो आंदोलन करार दिया है।

The CG ख़बर इस मुद्दे पर हर अपडेट आपके लिए लाता रहेगा।

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