धान खरीदी – बड़ी ख़बर : प्राधिकृत अधिकारियों की नियुक्ति

धान खरीदी – बड़ी ख़बर : प्राधिकृत अधिकारियों की नियुक्ति

धान खरीदी – बड़ी ख़बर : प्राधिकृत अधिकारियों की नियुक्ति

दुर्ग 71 सोसायटियों में प्राधिकृत अधिकारियों की नियुक्ति

धान खरीदी में लगातार हो रही अव्यवस्थाओं को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने सोसायटियों में प्राधिकृत अधिकारियों की नियुक्ति का बड़ा फैसला लिया है। जिले की 87 सोसायटियों में से 71 सोसायटियों के लिए प्राधिकृत अधिकारियों की सूची जारी कर दी गई है। शुक्रवार को सहकारी संस्थाओं के डिप्टी रजिस्ट्रार अवधेश मिश्रा ने यह सूची सार्वजनिक की। अब धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया इन अधिकारियों के नियंत्रण में होगी, जिससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।

13 सोसायटियों की सूची में देरी

अभी 13 सोसायटियों में प्राधिकृत अधिकारियों की नियुक्ति नहीं हो सकी है। त्रुटियों की जांच के कारण इनकी नियुक्तियां रोक दी गई हैं। उप रजिस्ट्रार के अनुसार, दो से तीन दिनों के भीतर इन सोसायटियों के लिए भी नियुक्ति सूची जारी कर दी जाएगी।

प्राधिकृत अधिकारी: किसानों के लिए मददगार

राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि प्राधिकृत अधिकारी सोसायटी के पंजीकृत सदस्य ही हों। इसके अलावा, इन अधिकारियों का किसानों की समस्याओं को जमीनी स्तर पर हल करना प्राथमिक उद्देश्य होगा। पहले बैंक और सहकारिता विभाग के अधिकारियों को इन पदों पर नियुक्त किया गया था, लेकिन नए नियमों के तहत, किसान ही इस भूमिका में होंगे।

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में भी प्राधिकृत अधिकारियों की नियुक्ति की उम्मीद जताई जा रही है। वर्तमान में बैंक के प्राधिकृत अधिकारी के रूप में कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी कार्यरत हैं।

नामांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता

एक महीने पहले राज्य सरकार ने नामांकन प्रक्रिया शुरू की थी। प्रत्येक सोसायटी के लिए पांच नामों का पैनल तैयार किया गया था। इन नामों को जिला भाजपा संगठन ने सुझाया था, और चयन के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि उम्मीदवार ऋणी सदस्य हो, लेकिन डिफॉल्टर न हो।

कलेक्टर की नियुक्ति पर उठा विवाद

कुछ दिन पहले कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी ने प्राधिकृत अधिकारियों की एक सूची जारी की थी, जिसमें उन्होंने ग्राम पंचायतों के सरपंचों को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया था। इस निर्णय पर जिला भाजपा संगठन ने आपत्ति जताई और मंत्री केदार कश्यप से शिकायत की। विवाद के बाद कलेक्टर को अपनी सूची निरस्त करनी पड़ी।

फॉर्मल नियुक्ति पत्र जारी

सूची जारी करने के बजाय, उप रजिस्ट्रार ने हर सोसायटी को अलग-अलग नियुक्ति पत्र भेजा है। इससे कुछ लोगों को नियुक्त अधिकारियों की जानकारी नहीं हो सकी। जानकारों का मानना है कि यह नियुक्तियां सोसायटियों में बेहतर प्रबंधन और किसानों की सुविधा के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं।

किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

जिला भाजपा किसान संगठन के अध्यक्ष विनायक ताबकार ने कहा, “धान खरीदी प्रक्रिया में सोसायटियों के पंजीकृत सदस्यों को प्राधिकृत अधिकारी बनाने का निर्णय किसानों के लिए बेहद राहतकारी साबित होगा।”

निष्कर्ष

इस नई पहल से धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और कुशलता आने की उम्मीद है। प्राधिकृत अधिकारी किसानों की समस्याओं का समाधान करेंगे और सोसायटियों में व्यवस्था को सुदृढ़ बनाएंगे। अब देखना यह होगा कि यह बदलाव जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी होता है।


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