धान खरीदी में किसानों की समस्याएं: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर साधा निशाना

धान खरीदी में किसानों की समस्याएं: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर साधा निशाना

धान खरीदी में किसानों की समस्याएं: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर साधा निशाना

रायपुर, 22 नवंबर 2024।
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी प्रक्रिया को लेकर किसानों की परेशानियों पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि किसानों को टोकन मिलने में दिक्कत हो रही है। छोटे किसानों का आरोप है कि सर्वर केवल एक मिनट के लिए खुलता है, जिसमें कुछ ही लोग पंजीकरण कर पाते हैं, इसके बाद सर्वर डाउन हो जाता है।

किसानों को हो रही दिक्कतें

  • बारदाने की कमी और सर्वर की समस्या के कारण किसान घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं।
  • धान खरीदी प्रक्रिया में बदलाव के कारण पहले धान केंद्र पर खरीदा जाएगा, फिर संग्रहण केंद्र ले जाया जाएगा। इसके बाद ही राइस मिलर्स को दिया जाएगा।
  • अभी तक किसी भी राइस मिलर के साथ एग्रीमेंट नहीं हुआ है, जिससे स्पष्ट होता है कि सरकार धान खरीदने में असमर्थ है।

किसानों को हो रहा नुकसान

भूपेश बघेल ने कहा कि 21 क्विंटल धान बेचने का नियम लागू किया गया है, लेकिन कोई भी किसान यह सीमा पूरी नहीं कर पा रहा। प्रति एकड़ किसानों को लगभग ₹8,000 का नुकसान हो रहा है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार रबी फसल लेने से इनकार कर रही है। दूसरी ओर, भाजपा नेता विष्णुदेव साय का दावा है कि रबी फसल पर कोई रोक नहीं है, लेकिन उनके आदेशों का पालन नहीं हो रहा है। विभिन्न जिलों के कलेक्टरों ने किसानों को चेतावनी दी है कि यदि वे रबी फसल का धान बेचते हैं, तो उन पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया जाएगा।

सरकार की विफलता पर सवाल

भूपेश बघेल ने कहा कि पिछली बार सरकार 45% चावल संग्रहण में असफल रही थी, जिसका खामियाजा किसानों को उठाना पड़ा। धान परिवहन की व्यवस्था भी पूरी तरह से विफल है, जिससे खरीदी केंद्रों पर धान के बोरे जमा हो रहे हैं।

भूपेश बघेल का आरोप:

“यह सरकार किसानों का अपमान कर रही है। हमारी सरकार ने ऋण माफी और उचित समर्थन मूल्य देकर किसानों को सक्षम बनाया था।”


अडानी के भ्रष्टाचार पर जांच की मांग

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अडानी समूह के खिलाफ आरोप लगाते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सही कहा है कि “अडानी और मोदी एक हैं।”

मुख्य बिंदु:

  1. अडानी पर आरोप:
    • यूएसए कोर्ट से अडानी को नोटिस मिला है।
    • केंद्र सरकार और भाजपा के प्रवक्ता अडानी के बचाव में सक्रिय हो गए हैं।
  2. कोल खदान और खनिज संपत्तियां:
    • 2015 में केंद्र सरकार ने अडानी को कोल खदान का ठेका दिया।
    • बैलाडीला खदान और अन्य परियोजनाओं में अडानी को फायदा पहुंचाया गया।
  3. भाजपा प्रवक्ताओं की भूमिका:
    • उन्होंने अडानी के बचाव में ईडी और सीबीआई से कार्रवाई की मांग की।

भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा नेता अडानी के प्रवक्ता के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने पूछा कि जब अडानी पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, तो सरकार जांच कब शुरू करेगी?

ख़बर का सार

धान खरीदी में किसानों की समस्याएं और अडानी के भ्रष्टाचार पर सवाल छत्तीसगढ़ की राजनीति में गर्म विषय बने हुए हैं। किसानों की समस्याओं का समाधान करना और भ्रष्टाचार के मामलों की निष्पक्ष जांच कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।

किसान हित और पारदर्शिता से जुड़े मुद्दे चुनावी राजनीति का मुख्य केंद्र बन सकते हैं।

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