
भिलाई: EPS-95 योजना के तहत पेंशन प्राप्त कर रहे भिलाई इस्पात संयंत्र (SAIL) के लगभग 16,000 पूर्व कर्मी लंबे समय से उच्च पेंशन के लाभ से वंचित हैं। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए भिलाई के सांसद श्री विजय बघेल ने श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया से मुलाकात कर त्वरित कार्रवाई की मांग की।
मुलाकात और ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य
इस मुलाकात के दौरान सांसद विजय बघेल ने मंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें EPS-95 पेंशनधारकों की समस्याओं और EPFO रायपुर कार्यालय द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना को रेखांकित किया गया।
सांसद ने दिए निम्न बिंदु:
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन:
सुप्रीम कोर्ट (4 नवंबर 2022) के आदेशानुसार, अंतिम वास्तविक वेतन को पेंशन गणना का आधार बनाना चाहिए। इसके बावजूद, EPFO रायपुर कार्यालय पुराने प्रावधानों का हवाला देकर उच्च पेंशन देने से इनकार कर रहा है। - अंतर राशि की वापसी:
EPFO रायपुर ने उच्च पेंशन के लिए कर्मचारियों से ₹15-30 लाख तक की राशि जमा करवाई। लेकिन बाद में इस राशि को वापस करते हुए उच्च पेंशन से इनकार कर दिया। - छूट प्राप्त और गैर-छूट प्राप्त ट्रस्टों में भेदभाव:
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, सभी ट्रस्टों पर समान नियम लागू होने चाहिए। लेकिन भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मियों को इस लाभ से वंचित रखा गया है। - अन्य इकाइयों को लाभ:
SAIL की अन्य इकाइयों, जैसे IISCO Burnpur (पश्चिम बंगाल) और अन्य सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मियों को उच्च पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। लेकिन भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मियों को यह लाभ नहीं मिल रहा।
सांसद बघेल ने क्या कहा?
सांसद विजय बघेल ने मंत्री को बताया कि:
“EPS-95 योजना वरिष्ठ नागरिकों की सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। EPFO रायपुर की कार्रवाई से भिलाई के हजारों पूर्व कर्मी और उनके परिवार प्रभावित हो रहे हैं। सरकार को तत्काल हस्तक्षेप कर न्याय दिलाना चाहिए।”
मंत्री ने दिया समाधान का आश्वासन
डॉ. मनसुख मंडाविया ने मामले की गंभीरता को समझते हुए समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र के पूर्व कर्मियों के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा।
भविष्य की उम्मीद
सांसद विजय बघेल ने मंत्री के आश्वासन पर धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कदम भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मियों के न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
निष्कर्ष:
EPS-95 पेंशनधारकों की यह समस्या न केवल सामाजिक सुरक्षा का सवाल है, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान करने का भी मामला है। सांसद बघेल की इस पहल से उम्मीद है कि भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मियों को जल्द ही न्याय मिलेगा।
आपकी राय: क्या EPS-95 पेंशनधारकों की समस्याओं को हल करने में सरकार को और तेज़ी से कदम उठाने चाहिए? हमें अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।
