
The CG ख़बर गरियाबंद से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यह घटना किसी क्राइम थ्रिलर फिल्म से कम नहीं लगती, जहां एक वहशी मानसिकता ने इंसानियत की सारी हदें पार कर दीं। आरोपी चंपेश्वर ने दुष्कर्म की कोशिश में असफल होने पर एक मासूम युवती को जिंदा जलाने की घिनौनी हरकत को अंजाम दिया। यह घटना पूरे इलाके को हिला कर रख देने वाली साबित हुई।
जब हैवानियत ने दरवाजा खटखटाया
घटना गरियाबंद के एक शांत इलाके की है, जहां आरोपी चंपेश्वर, किसी शिकारी की तरह मौके की तलाश में था। जानकारी के अनुसार, आरोपी ने रात के सन्नाटे में युवती के घर में घुसकर जबरदस्ती करने की कोशिश की। लेकिन उसकी योजना को युवती की बहादुरी ने नाकाम कर दिया। युवती के विरोध से तिलमिलाए आरोपी ने घर में रखा केरोसिन उठाया और पीड़िता पर उड़ेलकर उसे आग के हवाले कर दिया।
छह दिन की दर्दनाक जंग
आग से बुरी तरह झुलसी युवती की चीखों ने पूरे मोहल्ले को दहलाकर रख दिया। स्थानीय लोग तुरंत उसे छुरा के अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन उसकी हालत इतनी गंभीर थी कि उसे पहले जिला अस्पताल और फिर महासमुंद के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया। आखिरकार रायपुर के डीकेएस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने छह दिनों तक मौत से जंग लड़ी।
लेकिन अंततः वह जिंदगी की लड़ाई हार गई और छह दिन बाद दम तोड़ दिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही गरियाबंद पुलिस हरकत में आ गई। युवती के मृत्यु पूर्व बयान के आधार पर आरोपी चंपेश्वर को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इलाके में दहशत और आक्रोश
इस निर्मम घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है। लोग कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं और पीड़िता के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।
क्या यह समाज के लिए चेतावनी है?
यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। एक बार फिर सवाल उठता है—क्या हमारा समाज महिलाओं के लिए सुरक्षित है? महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए सख्त कानून और जागरूकता की आवश्यकता है।
क्या ऐसे अपराधों पर रोक लगाने का कोई उपाय है? यह सवाल हर उस शख्स को झकझोरता है, जो इस समाज का हिस्सा है।
