
6 अक्टूबर के बाद से व्यापमं से न कोई परीक्षा हुई, न रिजल्ट जारी
नई एजेंसी का अनुबंध अधूरा, दिसंबर में भी संभावना कम
छत्तीसगढ़ में व्यापमं के तहत होने वाली भर्ती और परीक्षाओं को लेकर युवाओं की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। 6 अक्टूबर के बाद से व्यापमं से कोई परीक्षा आयोजित नहीं की गई है। चिप्स (CHiPS) के साथ अनुबंध खत्म होने के बाद से परीक्षा प्रक्रियाएं ठप हैं।
प्रमुख कारण और देरी की स्थिति
| तिथि | घटनाक्रम |
|---|---|
| 6 अक्टूबर 2024 | प्रयोगशाला तकनीशियन की अंतिम परीक्षा आयोजित। |
| 9 अक्टूबर 2024 | छात्रावास अधीक्षक परीक्षा के मॉडल उत्तर जारी। |
| जुलाई 2024 | छत्तीसगढ़ सेट परीक्षा आयोजित। |
| अब तक | ना नई परीक्षा, ना कोई नई वैकेंसी। |
क्या है समस्या का कारण?
- चिप्स से अनुबंध समाप्त: व्यापमं के साथ चिप्स का अनुबंध समाप्त हो गया है।
- नई एजेंसी का चयन अधूरा: नई एजेंसी के साथ अब तक अनुबंध नहीं हो पाया है।
- तकनीकी तैयारी में देरी: अनुबंध होने के बाद नई एजेंसी को सॉफ्टवेयर तैयार करना होगा और डेटा अपलोड करना होगा, जिसमें करीब एक महीना लगेगा।
युवाओं में बढ़ती निराशा
युवाओं ने सवाल उठाया है कि:
- पुरानी भर्तियां भी अटकी हैं: पहले निकली वैकेंसी की परीक्षा नहीं हो रही।
- नई भर्तियों का इंतजार: 2024 में अब तक कोई बड़ी वैकेंसी नहीं आई।
“नई वैकेंसी और परीक्षाओं की देरी से हमारी तैयारी और करियर प्रभावित हो रहे हैं।” – एक परीक्षार्थी।
क्या हैं आगे की संभावनाएं?
| भर्ती प्रक्रिया | संभावित तिथि |
|---|---|
| नई एजेंसी का अनुबंध | दिसंबर 2024 के अंत तक। |
| भर्ती और परीक्षा की शुरुआत | जनवरी 2025 से। |
| संभावित भर्तियां | आबकारी आरक्षक, एडीईओ, सब-इंजीनियर। |
जानकारों के अनुसार, जनवरी 2025 में नई एजेंसी के जरिए परीक्षाएं और भर्तियां शुरू हो सकती हैं।
सेट परीक्षा: चार महीने बाद भी रिजल्ट अटका
छत्तीसगढ़ राज्य पात्रता परीक्षा (सेट), जो जुलाई 2024 में आयोजित हुई थी, उसके परिणाम अब तक जारी नहीं हुए हैं।
- एक लाख परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे।
- नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट) के परिणाम सितंबर में जारी हो चुके हैं।
- विशेषज्ञों का कहना है कि सेट परीक्षा के परिणाम दिसंबर में आने की संभावना भी कम है।
- ख़बर का सार
युवाओं की समस्याओं को जल्द सुलझाने की आवश्यकता है।
- नए अनुबंध पर तेजी से काम करना होगा।
- परीक्षाओं और रिजल्ट प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता जरूरी है।
“अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो युवा पीढ़ी का भरोसा तंत्र से उठ सकता है।”
छत्तीसगढ़ में युवाओं को अब नए साल से बेहतर व्यवस्था की उम्मीद है।
