टोकन नहीं कटने से किसान परेशान, सहकारी सोसायटियों के लगा रहे चक्क

टोकन नहीं कटने से किसान परेशान, सहकारी सोसायटियों के लगा रहे चक्क

टोकन नहीं कटने से किसान परेशान, सहकारी सोसायटियों के लगा रहे चक्क

प्रदेश स्तर से रोज धान खरीदी का तय हो रहा मापदंड

जिले में किसान ऑनलाइन टोकन न कटने के कारण परेशान हैं। धान की उपज तैयार होने के बावजूद किसान अपना नंबर नहीं लगवा पा रहे हैं। शुरूआत में 100% ऑनलाइन टोकन सिस्टम का नियम लागू किया गया, जिससे कई किसान टोकन प्राप्त नहीं कर सके।
एप सिस्टम में एरर आने की वजह से किसान सहकारी सोसायटियों का चक्कर काट रहे हैं। अब तक केवल 19% किसानों ने ही अपनी धान बेची है।


46 केंद्रों में धान रखने की जगह नहीं

14 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू हो चुकी है।

  • धान खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्था का आलम है।
  • जिले के 46 उपार्जन केंद्रों में धान रखने की जगह नहीं बची।
  • बफर लिमिट से अधिक धान जमा हो चुका है, लेकिन मार्कफेड द्वारा धान उठाव की कोई पहल नहीं हुई।

सोसायटी प्रबंधक परेशान:

मार्कफेड को धान उठाव के लिए लगातार अनुरोध किए जा रहे हैं।


ऑनलाइन टोकन सिस्टम ने बढ़ाई परेशानी

शुरुआत में 100% ऑनलाइन टोकन सिस्टम लागू किया गया था, जिसमें किसानों को ‘किसान तुंहर द्वार एप’ से टोकन काटने को कहा गया।

  • 12 दिन तक किसानों के टोकन नहीं कटे।
  • अब ऑनलाइन 60% और सोसायटी से 40% टोकन कटने की व्यवस्था लागू हुई है।
    इसके बावजूद किसान सिस्टम में दिक्कतें झेल रहे हैं।

धान खरीदी में धीमी गति

धान खरीदी की स्थिति (14 नवंबर से 25 नवंबर):

  • 19212 किसानों ने धान बेचा।
  • 8.93 लाख क्विंटल धान खरीदा गया।
  • लक्ष्य: 67 लाख क्विंटल।
  • अगर यही स्थिति रही तो खरीदी 40 लाख क्विंटल से अधिक नहीं हो पाएगी।

धान रखने की जगह का अभाव

जिले के 102 खरीदी केंद्रों में से 46 में स्थान की कमी हो गई है। इनमें प्रमुख केंद्र हैं:
अंडा, जामगांव, बोराई, खेतानपुर, निकुम, रहटावा।

  • किसान रतजगा कर रहे हैं, क्योंकि धान की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है।
  • धान का उठाव न होने से बिक्री ठप होने की आशंका है।

बारदाना संकट

जिले में 67 लाख क्विंटल धान खरीदी के लिए लगभग 1.5 करोड़ बारदानों की आवश्यकता है।

  • 64 लाख बारदाने ही उपलब्ध।
  • 1 करोड़ बारदाना मिलरों के पास बकाया।
    मिलरों ने पिछले साल का भुगतान न होने की वजह से बारदाना लौटाने से इनकार कर दिया है।

किसानों की समस्याएं

  1. ऑनलाइन सिस्टम में लगातार एरर।
  2. फटे बारदाने से धान खराब हो रहा है।
  3. सोसायटी और ऑनलाइन टोकन सिस्टम में असमंजस।

किसान कहते हैं:

एप से टोकन कटाने लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। मिजाई हो गया है। टोकन कटने का इंतजार कर रहे है।

  • कल्याण सिंह ठाकुर, भरनी
  • पहले मोबाइल से टोकन कॉटने कहा गया। खेतायटी से बही कट रहा था। अब सोसायटी से कटने की बात कह रहे हैं।
  • उत्तम गंवाकर, बोई
  • “पिछले 15 दिनों से टोकन कटाने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन सर्वर डाउन रहता है।”
    • परमानंद यादव, बोराई।
  • “फटे बारदाने से मेहनत पर पानी फिर रहा है।”
    • नीलेश साहू, निकुम।

प्रशासन का आश्वासन

खाद्य नियंत्रक श्री अतरी का कहना है:

  • “संग्रहण केंद्रों को जल्द खोला जाएगा।
  • ट्रांसपोर्टरों से धान का उठाव कराएंगे।
  • मिलरों के साथ समन्वय किया जा रहा है।

समाधान

धान खरीदी में अव्यवस्था ने किसानों को भारी परेशानियों में डाल दिया है। प्रशासन को जल्द से जल्द टोकन सिस्टम और धान उठाव की व्यवस्था सुधारनी होगी, ताकि किसान राहत की सांस ले सकें।

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