पुलिस विभाग में रसूख के दम पर ट्रांसफर-पोस्टिंग – लगेगी रोक  ||  IG का सख्त आदेश ||

पुलिस विभाग में रसूख के दम पर ट्रांसफर-पोस्टिंग – लगेगी रोक || IG का सख्त आदेश ||

पुलिस विभाग में रसूख के दम पर ट्रांसफर-पोस्टिंग – लगेगी रोक  ||  IG का सख्त आदेश ||

नए नियमों से पुलिस विभाग में मची खलबली

दुर्ग रेंज के पुलिसकर्मियों के लिए एक सख्त संदेश जारी किया गया है। आईजी रामगोपाल गर्ग द्वारा दिए गए आदेश में यह साफ किया गया है कि ट्रांसफर, पोस्टिंग और प्रमोशन के लिए प्रभावशाली व्यक्तियों का सहारा लेने वाले पुलिसकर्मियों पर अब कड़ी कार्रवाई होगी। इस आदेश से विभागीय अनुशासन मजबूत करने की पहल की गई है।

मुख्य निर्देश और सख्तियां:

निर्देशस्पष्टीकरण
असामान्य सिफारिशों पर रोकरसूखदारों या प्रभावशाली व्यक्तियों की सिफारिशें अब बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
अनुशासनहीनता पर कार्रवाईपुलिस रेगुलेशन और सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत कार्रवाई होगी।
पोस्टिंग के लिए सख्त प्रक्रियाएंहर पुलिसकर्मी को विभागीय नियमों का पालन करने का निर्देश दिया गया है।

क्या है मामला?

भिलाई में कई पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि वे रसूखदारों का सहारा लेकर मलाईदार थानों, क्राइम ब्रांच, और पेट्रोलिंग प्रभारी बनने का प्रयास कर रहे हैं। इसके चलते विभागीय अनुशासन प्रभावित हो रहा है।

  • आईजी कार्यालय से जारी आदेश:
    आदेश क्रमांक 8045-A के तहत, ऐसे पुलिसकर्मियों को अनुशासनहीनता के तहत दंडित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
  • नेताओं और अफसरों की मेहरबानी:
    कुछ पुलिसकर्मी राजनीतिक दबाव का उपयोग कर तीन साल से अधिक समय से थानों में टिके हुए हैं।

आईजी का बयान: अनुशासन सर्वोपरि

आईजी रामगोपाल गर्ग ने स्पष्ट किया है कि:

  • सिविल सेवा आचरण नियम 1965 और पुलिस रेग्युलेशन एक्ट के तहत इस प्रकार की गतिविधियां वर्जित हैं।
  • जिलों के एसपी और राजपत्रित अफसरों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे इस प्रक्रिया पर नजर रखें।

कुछ प्रमुख बिंदु:

  1. सिफारिशें रोकने का निर्देश:
    • पुलिसकर्मियों को प्रभावशाली लोगों से सिफारिश करवाने से सख्ती से मना किया गया है।
  2. मौखिक आदेशों पर कार्रवाई:
    • ऐसे पुलिसकर्मी जो बिना लिखित आदेश के थानों में कार्यरत हैं, उनके खिलाफ जांच की जाएगी।
  3. पारिवारिक हस्तक्षेप पर आपत्ति:
    • पुलिसकर्मी अपने परिवार के सदस्यों को अफसरों से व्यक्तिगत सिफारिश के लिए खड़ा करते हैं।

प्रभावशाली पोस्टिंग का काला सच

समस्याविवरण
मलाईदार थानों का मोहकुछ चुनिंदा पुलिसकर्मी रसूख का इस्तेमाल कर महत्वपूर्ण पोस्टिंग पाने की कोशिश करते हैं।
तीन वर्षों से अधिक की नियुक्तिकई पुलिसकर्मी नियमों के विरुद्ध एक ही स्थान पर लंबे समय से जमे हुए हैं।
राजनीतिक हस्तक्षेप और नेतागिरीनेताओं और अफसरों के दबाव में नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है।

आगे की योजना:

सख्त प्रक्रिया लागू होगी:

  • कंट्रोल रूम की जानकारी:
    • थानों और गश्त के दौरान सभी पुलिसकर्मियों को नए नियमों की जानकारी दी जाएगी।
  • एसपी स्तर पर कार्रवाई:
    • हाल ही में एसपी जितेंद्र शुक्ला ने कुछ थानेदारों को अनुशासनहीनता के लिए दंडित किया।

आईजी के आदेश का महत्व:

यह कदम पुलिस विभाग में पारदर्शिता और अनुशासन स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण है। अधिकारियों का मानना है कि यह प्रक्रिया विभाग में विश्वास और ईमानदारी को बढ़ाएगी।


निष्कर्ष:

आईजी का यह आदेश न केवल अनुशासन को मजबूत करेगा, बल्कि पुलिसकर्मियों के कार्यक्षेत्र में पारदर्शिता भी लाएगा। दुर्ग रेंज में यह कदम अनुशासनहीनता पर लगाम लगाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

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