दुर्ग जिले में भीषण जल संकट  🟦 जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे ने की त्वरित समाधान की मांग

दुर्ग जिले में भीषण जल संकट 🟦 जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे ने की त्वरित समाधान की मांग

दुर्ग जिले में भीषण जल संकट  🟦 जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे ने की त्वरित समाधान की मांग

ग्रामीण इलाकों में जल स्तर गिरने से हाहाकार, गंगरेल बांध से नहर खोलने की अपील

दुर्ग जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट गहराता जा रहा है। भूजल स्तर लगातार गिर रहा है, जिससे नलकूप, तालाब और कुएं सूखते जा रहे हैं। इस संकट के कारण किसानों, पशुपालकों और आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे ने दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह से मुलाकात की और गंगरेल बांध से तुरंत नहर खोलने की मांग की, ताकि जिले में जल संकट को कम किया जा सके।


जल संकट से प्रभावित जिले के कई गांव

गर्मियों के शुरुआती महीनों में ही जिले के कई हिस्सों में पानी की किल्लत शुरू हो गई है। भूजल स्तर गिरने से खेतों की सिंचाई प्रभावित हो रही है, वहीं पीने के पानी की समस्या भी विकराल रूप ले रही है। ग्रामीण इलाकों में कई जल स्रोत सूख चुके हैं, जिससे पशुओं के लिए भी पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है।

प्रभावित इलाकों में प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • दुर्ग के ग्रामीण क्षेत्र
  • पाटन ब्लॉक
  • धमधा ब्लॉक
  • अहीवारा और उसके आसपास के गांव

इन क्षेत्रों में तालाब और कुएं सूख चुके हैं, जिससे किसानों की फसलें खराब हो रही हैं और पीने के पानी की भारी किल्लत हो गई है।


जिला पंचायत अध्यक्ष की त्वरित कार्रवाई की मांग

जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे ने जिला कलेक्टर अभिजीत सिंह से मुलाकात कर जल संकट के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि गंगरेल बांध से पानी छोड़ा जाए, जिससे जिले की नहरों में पानी आ सके और किसानों के साथ-साथ ग्रामीणों को राहत मिल सके।

उन्होंने अपनी मांग में प्रमुख रूप से कहा:

गंगरेल बांध से तुरंत पानी छोड़ा जाए
ग्रामीण इलाकों में टैंकरों से जल आपूर्ति की जाए
पानी बचाने के लिए जल संरक्षण अभियान चलाया जाए
सूखे पड़े नलकूपों की मरम्मत कर उन्हें चालू किया जाए


ग्रामीणों की बढ़ती परेशानियां

जल संकट के कारण गांवों में दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। खेतों में सूख रही फसलों से किसान चिंतित हैं, वहीं पीने के पानी की कमी से महिलाओं और बच्चों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। पशुपालकों के लिए भी यह संकट गंभीर होता जा रहा है, क्योंकि जलाशयों के सूखने से मवेशियों को पानी मिलना मुश्किल हो गया है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द राहत कार्य शुरू करने की मांग की है।


गंगरेल बांध से नहर खोलने पर क्या होगा फायदा?

गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के बाद:
नहरों में पानी आएगा, जिससे खेतों की सिंचाई हो सकेगी
कुएं और नलकूपों का जलस्तर बढ़ेगा
पीने के पानी की समस्या कम होगी
पशुओं के लिए पानी उपलब्ध हो सकेगा

यदि प्रशासन जल्द ही उचित कदम नहीं उठाता है, तो यह संकट और भी विकराल हो सकता है।


प्रशासन की प्रतिक्रिया

कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि जल संकट को देखते हुए प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि गंगरेल बांध से पानी छोड़ने की मांग पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है और जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा।


निष्कर्ष: जल्द समाधान की जरूरत

दुर्ग जिले में जल संकट तेजी से बढ़ रहा है, जिससे हजारों ग्रामीण प्रभावित हो रहे हैं। जल संकट को दूर करने के लिए प्रशासन को त्वरित कदम उठाने होंगे। जिला पंचायत अध्यक्ष सरस्वती बंजारे की पहल सराहनीय है, और अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन कितनी जल्दी इस संकट का समाधान निकालता है।

जल संरक्षण और प्रभावी प्रबंधन ही इस संकट से उबरने का एकमात्र उपाय है। प्रशासन को चाहिए कि दीर्घकालिक जल प्रबंधन योजनाएं भी लागू करें, जिससे भविष्य में ऐसे हालात न बनें।

🚰 पानी बचाएं, जीवन बचाएं! 🚰

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