भिलाई, 24/02/2026 | The CG खबर
जनहित संघर्ष समिति ने शांति नगर दशहरा मैदान को टेंडर में देने का कड़ा विरोध किया है। समिति की जिला संयोजक शारदा गुप्ता ने चेतावनी दी है कि यदि निर्णय वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
खिलाड़ियों के समय में कटौती पर आपत्ति
भिलाई नगर निगम द्वारा मैदान को टेंडर पर देने के लिए निविदा आमंत्रित की गई है। प्रस्ताव के अनुसार खिलाड़ियों को सुबह 6:00 से 8:00 बजे और शाम 5:00 से 7:00 बजे तक ही निशुल्क उपयोग की अनुमति देने का प्रावधान रखा गया है।
समिति का कहना है कि यह समय सैकड़ों खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त नहीं है, क्योंकि अभ्यास सुबह 10:00 बजे तक और शाम 8:00 बजे तक लगातार चलता है। यहां से कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं तथा अनेक युवाओं का चयन पुलिस विभाग और अन्य शासकीय सेवाओं में हुआ है।
मैदान का रखरखाव खिलाड़ियों के सहयोग से
समिति के अनुसार वर्तमान में मैदान की देखरेख पूरी तरह खिलाड़ियों के सहयोग से की जा रही है। पिछले दो महीनों से खिलाड़ियों ने सहयोग राशि एकत्र कर और लगातार पानी देकर मैदान को फिर से हरा-भरा किया है।
समिति का आरोप है कि टेंडर जारी होने के बाद मैदान में शादी-विवाह और अन्य व्यावसायिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे खिलाड़ियों को भारी असुविधा होगी और अभ्यास बाधित होगा।
महापौर पर लगाए आरोप
समिति ने भिलाई महापौर नीरज पाल पर आरोप लगाते हुए कहा कि अपने कार्यकाल की विफलताओं के बाद शहर की खाली जगहों को निविदा या किराए पर दिया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासन को दी गई सूचना
जनहित संघर्ष समिति ने बताया कि इस विषय में सांसद, विधायक तथा नगर निगम आयुक्त को अवगत करा दिया गया है। समिति की मांग है कि शांति नगर दशहरा मैदान को टेंडर में न दिया जाए और इसे खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित रखा जाए।
विरोध करने वालों में शारदा गुप्ता, पूर्व पार्षद ललित मोहन, गिरीश खापर्डे, कन्हैया सोनी, कैलाश ताम्रकार, सच्चू खेमानी, रितेश जैन, निशु पांडे, संतोष जायसवाल, रवि पाल, विशाल एंथोनी, मोनू, शिवा पांडे, सनी एंड्रयू, पीसी प्रसाद और नंदलाल प्रसाद सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।
समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्णय वापस नहीं लिया गया तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
