
कलेक्टर सुश्री रिचा प्रकाश चौधरी के निर्देशानुसार, नगर निगम भिलाई में 11 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) प्रशिक्षुओं को निगम के प्रमुख कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेष रूप से असिस्टेंट कलेक्टर एम. भारद्वाज और सीओ जिला पंचायत एवं आयुक्त बजरंग दुबे शामिल थे। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों को नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।
दुर्ग जिले का संक्षिप्त परिचय
दुर्ग जिले की भौगोलिक स्थिति का परिचय देते हुए, भिलाई स्टील प्लांट के कारण इसे इंडस्ट्रियल बेल्ट कहा गया है। यह एजुकेशन हब भी है, और इसकी कृषि आधारित ग्रामीण व्यवस्था इसकी विशिष्टता है। दुर्ग जिले का ऐतिहासिक महत्व भी प्रशिक्षुओं को बताया गया। इन सब पहलुओं ने भिलाई और दुर्ग जिले को एक विशेष स्थान पर स्थापित किया है।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (SWM) और कचरा निष्पादन की जानकारी
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर विशेष जानकारी देते हुए बताया गया कि कैसे घर-घर, दुकानें और मार्केट एरिया से कचरा कलेक्शन होता है। इसके बाद सेग्रिगेशन और रीसाइक्लिंग की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई, जिससे कचरा सही तरह से प्रबंधित हो सके। इसके अलावा, शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाएं भी प्रशिक्षुओं को विस्तार से बताई गईं।
SLRM सेंटर का दौरा
प्रशिक्षुओं को SLRM सेंटर ले जाकर कचरा प्रबंधन का प्रैक्टिकल प्रदर्शन दिया गया। यहां उन्हें महिला समूहों द्वारा की जा रही कचरा प्रबंधन प्रक्रिया का अनुभव मिला। प्रशिक्षुओं ने विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका उत्तर महिला समूह के सदस्यों ने प्रैक्टिकल उदाहरणों के साथ दिया।
वाटर सप्लाई सिस्टम का निरीक्षण
भिलाई का प्रमुख वाटर सप्लाई सिस्टम – 77 MLD फिल्टर प्लांट भी प्रशिक्षुओं को दिखाया गया। यह प्लांट शिवनाथ नदी से आने वाले पानी को पीने योग्य बनाने की प्रक्रिया का अनुसरण करता है। इस प्रक्रिया के माध्यम से फिल्टर किया हुआ पानी विभिन्न पानी टंकियों के माध्यम से शहर के अलग-अलग जोनों में सप्लाई किया जाता है।
प्रशिक्षु अधिकारियों को इस प्रक्रिया में रुचि दिखाते हुए कई प्रश्न पूछने का अवसर मिला। यह देखकर प्रशिक्षुओं को आश्चर्य हुआ कि पूरे 45 मिनट की प्रक्रिया के बाद पानी पीने योग्य बनता है।
उपस्थित अधिकारी और उनके कार्य
इस पूरे प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न अधिकारियों ने प्रशिक्षण में भाग लिया और अपना योगदान दिया। इनमें शामिल हैं:
- अधीक्षण अभियंता दीपक जोशी
- जोन आयुक्त सतीश यादव
- अजय सिंह राजपूत
- रूपेश कुमार पांडे (जनपद पंचायत दुर्ग)
- असिस्टेंट डायरेक्टर औद्योगिक सुरक्षा स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली
निष्कर्ष
यह प्रशिक्षण सत्र आईएएस प्रशिक्षुओं के लिए शहर के विकास कार्यों की समझ विकसित करने में सहायक साबित हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने उन्हें शहर की बुनियादी सेवाओं और सामाजिक कल्याण योजनाओं के बारे में गहन जानकारी दी।
