राष्ट्रीय सेवा योजना का सात दिवसीय विशेष शिविर: चौथे दिन की प्रमुख गतिविधियां और उपलब्धियां

राष्ट्रीय सेवा योजना का सात दिवसीय विशेष शिविर: चौथे दिन की प्रमुख गतिविधियां और उपलब्धियां

राष्ट्रीय सेवा योजना का सात दिवसीय विशेष शिविर: चौथे दिन की प्रमुख गतिविधियां और उपलब्धियां

राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का चतुर्थ दिवस बेहद खास रहा। इस दिन कई ज्ञानवर्धक और जागरूकता से भरपूर गतिविधियों का आयोजन किया गया। शिविर में महाविद्यालय और समाज के कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की उपस्थिति ने इसे और अधिक प्रेरणादायक बना दिया।

बौद्धिक परिचर्चा और विशेषज्ञों की गरिमामयी उपस्थिति

शिविर के चौथे दिन बौद्धिक परिचर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा हुई। इस परिचर्चा में प्रमुख रूप से डॉ. सूरज कुमार, डॉ. सीमा साहू, और महाविद्यालय की पूर्व कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मेरेली रॉय ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उनके विचार और अनुभव ने शिविर में मौजूद विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों को नई दिशा प्रदान की।

विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को जीवन के विभिन्न पहलुओं पर जागरूक किया और उनके सवालों का उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया। यह परिचर्चा छात्रों को उनके व्यक्तित्व विकास और सामाजिक जिम्मेदारियों को समझने में मददगार रही।

डॉक्टरों की टीम द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता सत्र

शिविर में डॉक्टरों की एक टीम ने छात्राओं को गंभीर बीमारियों और उनके निदान के बारे में जानकारी दी। महिलाओं और किशोरियों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और उनके समाधान जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई।

  • महिला स्वास्थ्य: मासिक धर्म से संबंधित समस्याएं, पोषण की कमी, और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सुझाव दिए गए।
  • रोग निवारण: डॉक्टरों ने गंभीर बीमारियों जैसे एनीमिया, पीसीओडी, और कैंसर की शुरुआती पहचान और रोकथाम के उपाय साझा किए।

छात्राओं ने इस सत्र में सक्रिय भागीदारी की और अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया। यह जागरूकता सत्र शिविर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा, जिसने समाज में स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने का काम किया।

विश्व विकलांग दिवस पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता

शिविर के चौथे दिन विश्व विकलांग दिवस के अवसर पर एक पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में गोद ग्राम खेरदा के विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बड़ी उत्सुकता और जोश के साथ भाग लिया।

प्रतियोगिता के उद्देश्य:

  1. विकलांगता के प्रति जागरूकता फैलाना।
  2. समाज में समानता और सहानुभूति का संदेश देना।
  3. रचनात्मकता और कला के माध्यम से विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा को प्रोत्साहित करना।

प्रतिभागियों ने अपने पोस्टरों के माध्यम से विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों, उनकी चुनौतियों और उनके समर्थन के महत्व को उजागर किया। प्रतियोगिता के अंत में विजेताओं को सम्मानित किया गया और सभी को भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।

समाज और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक कदम

राष्ट्रीय सेवा योजना का यह शिविर न केवल विद्यार्थियों को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक कर रहा है, बल्कि गांव के निवासियों और अन्य प्रतिभागियों के लिए भी एक प्रेरणास्त्रोत बन रहा है। चौथे दिन की गतिविधियों ने स्वास्थ्य, कला और सामाजिक जागरूकता के माध्यम से एक नया संदेश दिया।

समाप्ति:
शिविर के चतुर्थ दिवस की सभी गतिविधियों ने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी को उजागर किया। आने वाले दिनों में यह शिविर और भी रोचक और ज्ञानवर्धक गतिविधियों का साक्षी बनेगा।

आशा है कि इस तरह के आयोजन समाज और शिक्षा जगत में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक होंगे।

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