
हाल ही में पुलिस ने चोरी के मामलों में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। छत्तीसगढ़ के रसमड़ा इलाके में हुई डकैती और एनएसपीसीएल (NSPCL) में हुए चोरी के सामान को खपाने वाले आरोपी को मध्य प्रदेश (एमपी) से गिरफ्तार कर लिया गया। इस केस में 50 लाख रुपए के जेवरात और अन्य सामान पुलिस ने जब्त किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 395, 411 के तहत मामला दर्ज किया है, और इस मामले का खुलासा एसपी जितेन्द्र शुक्ला ने किया है।
रसमड़ा डकैती का केस और उसकी पूरी कहानी
रसमड़ा में 7-8 जून की दरमियानी रात गनियारी रोड पर स्थित दिलीप मिश्रा के घर में पांच नकाबपोश डकैतों ने घुसपैठ की। डकैतों ने घर के दरवाजे तोड़कर अंदर प्रवेश किया और दिलीप मिश्रा और उनकी पत्नी को जान से मारने की धमकी देकर उन्हें बंधक बना लिया। इसके बाद डकैतों ने लगभग 35 तोला सोने के जेवरात, नगदी 26 हजार रुपए, और तीन घड़ियों समेत कुल 20 लाख रुपए की चोरी की। चोरी करने के बाद, डकैत वहां से फरार हो गए। इस डकैती की वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी, और पुलिस ने इस मामले को सुलझाने के लिए विशेष टीम का गठन किया।
पुलिस की विशेष टीम ने किया सफलतापूर्वक संचालन
रसमड़ा डकैती केस में तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों में जगदीश उर्फ काला भाया, भंगू डावर और नरसिंह चौहान शामिल हैं। इसके बाद पुलिस ने डकैती का सामान खरीदने वाले अन्य आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने एमपी के धार, झाबुआ, और अलीराजपुर जैसे इलाकों में अपनी खोजबीन शुरू की।
एमपी से मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी: पुलिस ने की बड़ी बरामदगी
पुलिस की विशेष टीम को सूचना मिली कि डकैती के सामान को एमपी में खपाने वाला मुख्य आरोपी राजेन्द्र कटार अलीराजपुर के राजाबाग इलाके में छुपा है। पुलिस टीम ने एक सटीक योजना के तहत कार्रवाई की और राजेन्द्र कटार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से 60 तोला सोना, 340 ग्राम चांदी, सोने-चांदी गलाने की मशीन, और दो सोने-चांदी तौल मशीन बरामद की। इस सामान की कुल कीमत लगभग 5 लाख रुपए आंकी गई है।
पुलिस अधिकारियों का योगदान
इस पूरे मामले को सुलझाने में पुलिस अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस कार्रवाई में एएसपी सुखनंद राठौर और अभिषेक झा के साथ डीएसपी क्राइम हेम प्रकाश नायक, निरीक्षक तापेश्वर नेताम, और अन्य पुलिसकर्मी जैसे रामनारायण सिंह ध्रुव, गुप्तेश्वर, प्रधान आरक्षक दीप सिंह, विकांत यदु, बृजमोहन सिंह, योगेश चंद्राकर, भावेश पटेल, और आरती सिंह शामिल थे। इन सभी के सामूहिक प्रयासों से पुलिस को इस मामले में बड़ी सफलता हासिल हुई।
पुलिस की तत्परता और अपराधियों की गिरफ्तारी
रसमड़ा में हुई इस डकैती की घटना के बाद पुलिस की तत्परता ने आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास को बढ़ाया है। पुलिस के सतर्क प्रयासों और तत्काल कार्रवाई से यह साबित होता है कि कानून व्यवस्था की सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरती जा रही। पुलिस की इस कार्रवाई से अपराधियों में भी भय पैदा हुआ है कि वे कानून की गिरफ्त से बाहर नहीं हैं।
जनता के लिए महत्वपूर्ण संदेश
इस घटना के बाद जनता से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। इससे पुलिस को अपराधियों को पकड़ने में सहायता मिलेगी और ऐसे अपराधों को रोका जा सकेगा।
