तीन साल से पंचायत भवन में संचालित हो रही पढ़ाई, नए स्कूल भवन की मांग को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन जारी
The CG ख़बर | धमधा। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर धमधा ब्लॉक के ग्राम खैरझिटी में स्कूली बच्चों और ग्रामीणों ने अनोखे अंदाज में तिरंगा फहराकर अपनी समस्या शासन-प्रशासन तक पहुंचाई। गांव में स्कूल भवन जर्जर होने के कारण बच्चों ने इस बार गांव में ध्वजारोहण करने के बजाय तिरंगा यात्रा निकाली और धमधा ब्लॉक मुख्यालय पहुंचकर ध्वजारोहण किया।
तिरंगा यात्रा में स्कूली बच्चों के साथ उनके पालक, ग्रामीण और किसान बंधु संगठन के सदस्य भी शामिल हुए। बच्चों के हाथों में तिरंगा और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर थी। देशभक्ति के नारों के साथ निकली यह यात्रा क्षेत्र में चर्चा का विषय रही।
तीन साल से पंचायत भवन में चल रही पढ़ाई
ग्रामीणों के अनुसार खैरझिटी का स्कूल भवन जर्जर होने के कारण पिछले करीब तीन वर्षों से बच्चों की पढ़ाई पंचायत भवन में संचालित की जा रही है। इससे एक ओर जहां बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं पंचायत के कामकाज पर भी असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन में बैठक या अन्य जरूरी गतिविधियां होने पर बच्चों की कक्षाएं प्रभावित होती हैं। वहीं कक्षाएं संचालित होने के दौरान पंचायत के कामकाज के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं हो पाता। ग्रामीण लंबे समय से नए स्कूल भवन की स्वीकृति और पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनका कहना है कि अब तक इस दिशा में ठोस समाधान नहीं हुआ है।
धमधा बस स्टैंड से निकली तिरंगा यात्रा
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर खैरझिटी के बच्चे, पालक और ग्रामीण धमधा बस स्टैंड पहुंचे। यहां से तिरंगा यात्रा शुरू हुई। बच्चे हाथों में तिरंगा लेकर और महात्मा गांधी की तस्वीर के साथ देशभक्ति के नारों के बीच ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे।
यहां ध्वजारोहण किया गया। राष्ट्रगान के बाद बच्चों और ग्रामीणों को मिठाई वितरित की गई।
तिरंगा रैली में कथित रोक-टोक पर किसान नेता ने जताई नाराजगी
कार्यक्रम को लेकर किसान बंधु संगठन धमधा ब्लॉक के अध्यक्ष आत्मा साहू द्वारा संबंधित कार्यालयों में सूचना एवं अनुमति के लिए आवेदन दिए जाने की बात कही गई है।
किसान नेता बाबा टेक सिंह चंदेल का आरोप है कि धमधा तहसीलदार हुलेश्वर नाथ खूंटे द्वारा आवेदन और पावती लिए गए तथा आवेदनों को निरस्त करने की बात कही गई। इसके बाद उन्होंने एसडीएम धमधा से चर्चा कर रैली की अनुमति लेने की बात कही।
बाबा टेक सिंह चंदेल ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर देशभर में तिरंगा यात्राएं निकाली जा रही थीं। खैरझिटी के बच्चे भी शांतिपूर्ण तरीके से तिरंगा यात्रा निकालकर स्वतंत्रता दिवस मनाना चाहते थे। ऐसे में रैली को लेकर रोक-टोक किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने इसे “तिरंगा रैली में पहली बार तहसीलदार की रोक-टोक बहुत बड़ा दुर्भाग्य” बताते हुए प्रशासन से स्कूल भवन की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की।
17 अगस्त से पेड़ के नीचे पढ़ाई का ऐलान
स्कूल भवन की मांग को लेकर किसान बंधु संगठन और ग्रामीणों ने आंदोलन को आगे जारी रखने का निर्णय लिया है। संगठन के अनुसार आगामी 17 अगस्त से खैरझिटी में पेड़ के नीचे बच्चों की पढ़ाई शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई बाधित करना उनका उद्देश्य नहीं है, लेकिन पिछले करीब तीन वर्षों से स्कूल भवन बंद पड़ा है और पंचायत भवन में पढ़ाई संचालित होने से लगातार समस्याएं बनी हुई हैं। ग्रामीण सुरक्षित स्कूल भवन और पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।
अब नए स्कूल भवन की स्वीकृति का इंतजार
स्वतंत्रता दिवस के दिन खैरझिटी के बच्चों का ब्लॉक मुख्यालय पहुंचकर ध्वजारोहण करना गांव की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्या को सामने लाने वाला अनोखा घटनाक्रम रहा।
अब ग्रामीणों की नजर शासन और शिक्षा विभाग के अगले कदम पर है। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर कब तक बच्चे पंचायत भवन में पढ़ने को मजबूर रहेंगे और नए स्कूल भवन की स्वीकृति कब मिलेगी।
अब देखना होगा कि खैरझिटी के जर्जर स्कूल भवन की समस्या को लेकर शासन और शिक्षा विभाग कब तक ठोस निर्णय लेते हैं और बच्चों के लिए नए भवन तथा पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित होती है।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
कार्यक्रम में किसान नेता बाबा टेक सिंह चंदेल, किसान बंधु संगठन धमधा ब्लॉक अध्यक्ष आत्मा साहू, पूर्व जनपद सदस्य जोहन वर्मा, खैरझिटी सरपंच श्रीमती डालेश्वरी वर्मा, लोधी समाज सर्किल धमधा अध्यक्ष ढालू वर्मा, पूर्व सरपंच मोती राम वर्मा, केवल वर्मा, नकुल उमरे, अनिल वर्मा, डोमार वर्मा, अमेलाल वर्मा, रंजीत वर्मा, दिगम्बर वर्मा, लिलेश वर्मा, विनोद उमरे, गिरीश साहू, भीष्मभर साहू, टेकराम वर्मा, मनसुख साहू, पंचराम साहू, सुभाष साहू, हेमराज साहू, गंगाराम कुर्रे, भानु साहू, तेजेश्वर सोनवानी, कमल नारायण सुपंथक, पेखन यादव, राजेंद्र वर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
