The CG ख़बर | दुर्ग। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण SIR (Special Intensive Revision) को लेकर कांग्रेस के विरोध के बीच BJP के वरिष्ठ नेता कन्हैया सोनी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस SIR की वास्तविक प्रक्रिया को समझाने के बजाय इसे “वोट चोरी” का नाम देकर जनता के बीच भ्रम और डर का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।
कन्हैया सोनी ने कहा कि मतदाता सूची में मृत, डुप्लिकेट, स्थानांतरित और अपात्र नामों की मौजूदगी चुनाव की निष्पक्षता के लिए गंभीर सवाल है। ऐसे नामों की पहचान कर सूची को दुरुस्त करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की जरूरत है। SIR कोई नई प्रक्रिया नहीं है, बल्कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पहले भी होती रही है।
कांग्रेस के ‘वोट चोरी’ के आरोप पर सवाल
सोनी ने कहा कि कांग्रेस लगातार यह सवाल उठा रही है कि SIR के जरिए वास्तविक मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। लेकिन केवल ड्राफ्ट सूची में नामों की संख्या कम होने के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना कि “वोट चोरी” हो रही है, उचित नहीं है।
उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी है, वह स्थायी रूप से दूसरी जगह जा चुका है या उसका नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज है, तो ऐसे नामों को हटाने का विरोध क्यों किया जाना चाहिए?
सोनी ने कहा कि एक पात्र नागरिक का वोट सुरक्षित रहना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है कि अपात्र और डुप्लिकेट नाम मतदाता सूची में न रहें।
“नाम हटना नागरिकता खत्म होना नहीं”
BJP नेता ने कहा कि SIR को लेकर कांग्रेस द्वारा सबसे ज्यादा भ्रम इसी बात को लेकर फैलाया जा रहा है कि मतदाता सूची से नाम हटने का मतलब नागरिकता या मताधिकार खत्म होना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्राफ्ट सूची में नाम छूटने की स्थिति में पात्र व्यक्ति दावा और आपत्ति की प्रक्रिया के जरिए अपना नाम दोबारा जुड़वा सकता है।
हालांकि सोनी ने यह भी कहा कि यदि किसी वास्तविक मतदाता का नाम गलती से हटता है तो उसका तत्काल समाधान होना चाहिए। खासकर बुजुर्ग, गरीब और प्रवासी परिवारों को दस्तावेजी प्रक्रिया में परेशानी न हो, इसके लिए पर्याप्त सहायता उपलब्ध कराना जरूरी है।
कांग्रेस पर राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप
कन्हैया सोनी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस SIR के प्रशासनिक और तकनीकी पहलुओं पर तथ्यात्मक चर्चा करने के बजाय इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर जनता को गुमराह कर रही है।
उन्होंने कहा कि चुनाव सुधार की प्रक्रिया को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय बनाने के बजाय यह देखना चाहिए कि पात्र मतदाता का नाम सुरक्षित रहे और अपात्र नामों को हटाया जाए।
“डर नहीं, तथ्य बताने की जरूरत”
सोनी ने कहा कि SIR को लेकर जनता के बीच डर फैलाने के बजाय राजनीतिक दलों को लोगों को सही जानकारी देनी चाहिए। यदि किसी पात्र मतदाता का नाम गलती से छूट गया है तो उसके लिए उपलब्ध दावा-आपत्ति की प्रक्रिया को लेकर जागरूकता बढ़ाई जानी चाहिए।
उन्होंने चुनाव आयोग से भी प्रक्रिया को पारदर्शी और नागरिकों के लिए सरल बनाने की अपील की।
कन्हैया सोनी ने कहा कि कांग्रेस को SIR पर “वोट चोरी” का राजनीतिक शोर खड़ा करने के बजाय यह बताना चाहिए कि क्या वह मृत, डुप्लिकेट और अपात्र नामों को मतदाता सूची में बनाए रखने के पक्ष में है। लोकतंत्र में हर पात्र नागरिक का वोट सुरक्षित रहना चाहिए, लेकिन मतदाता सूची भी पूरी तरह शुद्ध और विश्वसनीय होनी चाहिए।
