The CG ख़बर | दुर्ग। भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर देशभर में शोक की लहर है। उनके निधन को कला जगत के साथ-साथ समाज के लिए भी अपूरणीय क्षति बताते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. प्रदीप चौधरी ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
डॉ. चौधरी ने कहा कि देश ने केवल एक महान अभिनेता को नहीं खोया, बल्कि एक ऐसे संवेदनशील इंसान को खोया है, जिसने अपने अभिनय और सामाजिक कार्यों के माध्यम से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। नाना पाटेकर पर्दे पर जितने प्रभावशाली कलाकार थे, निजी जीवन में भी उतने ही संवेदनशील और सादगी पसंद व्यक्तित्व के रूप में पहचाने गए।
किरदारों में जान डाल देते थे नाना
डॉ. प्रदीप चौधरी ने कहा कि नाना पाटेकर उन चुनिंदा कलाकारों में थे, जो किरदार को केवल निभाते नहीं, बल्कि उसे जीवंत कर देते थे। उनकी आवाज, संवाद अदायगी, चेहरे के भाव और आंखों की भाषा अभिनय को अलग ऊंचाई देती थी।
परिंदा, क्रांतिवीर, अग्निसाक्षी, खामोशी : द म्यूजिकल, अब तक छप्पन, वेलकम और नटसम्राट जैसी फिल्मों में उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर अपनी बहुमुखी प्रतिभा साबित की।
डॉ. चौधरी ने कहा कि नाना पाटेकर की खासियत यह थी कि गंभीर भूमिकाओं से लेकर हास्य किरदारों तक, उन्होंने हर भूमिका पर अपनी अमिट छाप छोड़ी।
तीन राष्ट्रीय पुरस्कार और पद्मश्री से सम्मानित
नाना पाटेकर को उनकी अभिनय प्रतिभा के लिए तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले। परिंदा के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता, क्रांतिवीर के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और अग्निसाक्षी के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार उन्हें मिला।
इसके अलावा उन्हें कई फिल्मफेयर सहित अन्य प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए। वर्ष 2013 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया।
डॉ. प्रदीप चौधरी ने कहा कि पुरस्कार उनकी प्रतिभा का सम्मान थे, लेकिन नाना पाटेकर की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि उन्होंने करोड़ों दर्शकों के दिलों में स्थायी जगह बनाई।
किसानों और जरूरतमंदों के लिए भी आगे आए
डॉ. चौधरी ने कहा कि नाना पाटेकर की संवेदनशीलता केवल फिल्मों तक सीमित नहीं थी। किसानों की समस्याओं और ग्रामीण क्षेत्रों की कठिन परिस्थितियों को लेकर वे हमेशा गंभीर रहे।
अभिनेता मकरंद अनासपुरे के साथ उन्होंने NAAM Foundation की स्थापना की, जिसके माध्यम से किसान परिवारों की सहायता, जल संरक्षण और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्य किए गए।
डॉ. चौधरी ने कहा कि नाना पाटेकर ने यह संदेश दिया कि सच्ची देशभक्ति केवल शब्दों में नहीं, बल्कि समाज और जरूरतमंद लोगों के लिए किए गए कार्यों में दिखाई देती है।
सिनेमा में हमेशा जीवित रहेंगे नाना
डॉ. प्रदीप चौधरी ने कहा कि नाना पाटेकर का जाना भारतीय सिनेमा के एक विशिष्ट अध्याय का अंत है। उनकी आवाज, संवाद, अभिनय और यादगार किरदार आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे।
उन्होंने कहा, “देश ने एक सच्चा देशभक्त, संवेदनशील इंसान और बेजोड़ अभिनेता खो दिया है। नाना पाटेकर हमारे बीच भले ही नहीं हैं, लेकिन उनका अभिनय और समाज के लिए किया गया योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।”
डॉ. चौधरी ने दिवंगत अभिनेता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति तथा उनके परिवार और प्रशंसकों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
भावभीनी श्रद्धांजलि।
