आरोप निकले निराधार ” …🔶 राम मंदिर में सुरक्षित मिली सोने से मढ़ी रामचरितमानस

आरोप निकले निराधार ” …🔶 राम मंदिर में सुरक्षित मिली सोने से मढ़ी रामचरितमानस

The CG ख़बर | अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में कथित तौर पर पांच करोड़ रुपये मूल्य की सोने से मढ़ी रामचरितमानस के गायब होने को लेकर लगाए गए आरोप अब निराधार साबित होते नजर आ रहे हैं। पूर्व केंद्रीय गृह सचिव एवं पूर्व आईएएस अधिकारी लक्ष्मी नारायण द्वारा लगाए गए आरोपों के बीच मंदिर के गर्भगृह में सुरक्षित रखी गई उसी रामचरितमानस के फोटो सामने आने के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।

लक्ष्मी नारायण ने शनिवार को एक समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में दावा किया था कि उन्होंने 8 अप्रैल 2024 को करीब पांच करोड़ रुपये मूल्य की, 24 कैरेट सोने की परत से मढ़ी रामचरितमानस श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भेंट की थी। उनका आरोप था कि ट्रस्ट ने उन्हें भेंट की रसीद नहीं दी और कुछ समय बाद यह ग्रंथ मंदिर परिसर से गायब हो गया।

हालांकि, रविवार को सामने आए फोटो साक्ष्यों ने इन आरोपों पर सवाल खड़े कर दिए। तस्वीरों में वही सोने से मढ़ी रामचरितमानस श्रीराम मंदिर के गर्भगृह में सुरक्षित रखी हुई दिखाई दे रही है। बताया गया कि यह फोटो मंदिर परिसर से ही प्राप्त हुए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ग्रंथ कहीं गायब नहीं हुआ, बल्कि सुरक्षित रखा गया है।

भेंट के समय ही तय हो गया था प्रदर्शन का स्वरूप

इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बजरंग दल के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक प्रकाश शर्मा ने कहा कि जब लक्ष्मी नारायण ने यह विशेष रामचरितमानस ट्रस्ट को भेंट की थी, उसी समय उन्हें स्पष्ट रूप से बता दिया गया था कि नवरात्रि के दौरान आठ दिनों तक इसे श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ गर्भगृह के बाहर रखा जाएगा, जिसके बाद इसे सुरक्षा की दृष्टि से गर्भगृह के भीतर सुरक्षित रख दिया जाएगा। उनके अनुसार, वर्तमान में भी यह ग्रंथ वहीं सुरक्षित रखा हुआ है।

व्हाट्सऐप चैट का भी किया गया उल्लेख

प्रकाश शर्मा ने यह भी दावा किया कि लक्ष्मी नारायण द्वारा लगाए गए आरोप तथ्यों से परे हैं। उन्होंने कहा कि भेंट के समय लक्ष्मी नारायण ने ट्रस्ट महासचिव चंपत राय का आभार भी व्यक्त किया था और उस समय की व्हाट्सऐप चैट इस बात का प्रमाण है कि वे ट्रस्ट की व्यवस्था से संतुष्ट थे। ऐसे में लगभग दो वर्ष बाद इस तरह के आरोप लगाए जाने के पीछे क्या कारण हैं, यह समझ से परे है।

ट्रस्ट बैठक से पहले विवाद खड़ा करने का आरोप

प्रकाश शर्मा ने पूरे घटनाक्रम के समय पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक से ठीक 36 घंटे पहले इस प्रकार की खबरों का सामने आना संयोग नहीं माना जा सकता। उनके अनुसार, श्रीराम मंदिर, मंदिर निर्माण आंदोलन और हिंदू आस्था को लेकर लगातार भ्रम फैलाने की कोशिशें की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि इससे पहले भी काकभुशुण्डि, धनुष और चांदी के हार जैसे मामलों को लेकर भी भ्रामक दावे किए गए थे और अब सोने से मढ़ी रामचरितमानस के गायब होने की बात कही गई, जबकि फोटो साक्ष्य यह साबित करते हैं कि ग्रंथ पूरी तरह सुरक्षित है।

फोटो साक्ष्य ने बदल दी पूरे मामले की तस्वीर

प्रकाश शर्मा ने मीडिया को श्रीराम मंदिर के गर्भगृह में सुरक्षित रखी सोने से मढ़ी रामचरितमानस के फोटो उपलब्ध कराते हुए कहा कि यह ग्रंथ आज भी मंदिर में पूरी सुरक्षा के साथ रखा हुआ है। ऐसे में पूर्व केंद्रीय गृह सचिव लक्ष्मी नारायण द्वारा लगाए गए “रामचरितमानस गायब होने” के आरोप तथ्यात्मक रूप से पुष्ट नहीं हो सके हैं।

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