The CG ख़बर |भिलाई | 9 जुलाई | भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) में सामने आए करोड़ों रुपये के संगठित स्क्रैप चोरी रैकेट ने अब नया मोड़ ले लिया है। अब तक ठेकेदारों और कर्मचारियों तक सीमित जांच सीधे बीएसपी के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच गई है। दुर्ग पुलिस ने कार्रवाई करते हुए IMS-3 के जनरल मैनेजर (GM) हिमांशु भूषण मलिक तथा असिस्टेंट जनरल मैनेजर (AGM) मनोज कुमार देवांगन को गिरफ्तार किया है।
“जांच में पहली बार BSP के वरिष्ठ अधिकारियों की गिरफ्तारी ने पूरे मामले को बेहद गंभीर बना दिया है।”
चार से पांच महीने तक चलता रहा संगठित खेल
पुलिस जांच में सामने आया है कि बीते 4 से 5 महीनों से बीएसपी से लौह स्क्रैप को सुनियोजित तरीके से बाहर निकालकर अवैध रूप से बेचा जा रहा था।
सबसे चौंकानेवाली बात यह है कि प्रारंभिक जांच में इस पूरे नेटवर्क के संचालन में अधिकारियों की कथित मिलीभगत के संकेत मिले हैं।
“पुलिस का दावा है कि पूछताछ के बाद इस मामले में कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।”
फ्लू डस्ट की आड़ में खेला जा रहा था करोड़ों का खेल
🔶 26 मई 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने ग्राम अकलोरडीह, खदानपारा स्थित ए.के. ट्रेडर्स (HIA हथखोज) में छापा मारा।
छापेमारी के दौरान हाईवा ट्रकों में फ्लू डस्ट के नीचेछिपाकर रखी गई लोहे की प्लेटें, बीम और भारी स्क्रैप बरामद हुआ।
गोदाम के भीतर अलग-अलग ढेरों में बड़ी मात्रा में लौह सामग्री जमा मिली, जिससे पुलिस को संगठित चोरी के नेटवर्क के पुख्ता संकेत मिले।
250 टन स्क्रैप जब्त, भारी मशीनें भी सीज
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने—
जप्त सामग्री :
- लगभग 250 टन लौह प्लेट, बीम एवं लौह कटिंग सामग्री।
- हाईवा वाहन क्रमांक CG 04 QT 8797।
- ट्रक क्रमांक CG 10 R 2004।
- हाईवा वाहन क्रमांक CG 08 AW 1475।
- ट्रक क्रमांक CG 07 MB 2455।
- टाटा 1109 वाहन क्रमांक CG 07 CA 6977।
- टाटा एस वाहन क्रमांक CG 04 JB 9616।
- जेसीबी वाहन क्रमांक CG 08 AY 8496।
- हाईड्रा वाहन क्रमांक CG 07 CW 8063।
- चेन माउंटिंग मशीन एवं डस्ट छानने हेतु प्रयुक्त 05 लोहे की मशीनें।
- कुल जप्ती मूल्य लगभग 3 करोड़ 22 लाख रुपये।
“जांच एजेंसियों के अनुसार यह अब तक की सबसे बड़ी स्क्रैप जब्ती कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।”
🟥 अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई
🔴 कुल गिरफ्तार आरोपी : 15
🔴 वरिष्ठ अधिकारी गिरफ्तार : 2 (GM एवं AGM)
🔴 बरामद लौह स्क्रैप : लगभग 250 टन
🔴 स्क्रैप का अनुमानित मूल्य : लगभग ₹90 लाख
🔴 कुल जब्त संपत्ति : ₹3.22 करोड़
🔴 जांच अवधि : पिछले 4-5 माह की गतिविधियां जांच के दायरे में
जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है
दुर्ग पुलिस का कहना है कि यह केवल स्क्रैप चोरी का मामला नहीं बल्कि संगठित आर्थिक अपराध का मामला है।
तकनीकी साक्ष्यों, दस्तावेजों और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।
🚨 “आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां तथा बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।”
पुलिस का स्पष्ट संदेशदुर्ग पुलिस ने साफ शब्दों में कहा है कि सरकारी संपत्ति की चोरी, भ्रष्टाचार और संगठित अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को उसके पद या प्रभाव के आधार पर राहत नहीं दी जाएगी।
फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं भी सरकारी संपत्ति की चोरी अथवा संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दें तो तत्काल पुलिस को सूचना दें।
🟨 The CG ख़बर | QUICK HIGHLIGHTS
✅ IMS-3 के GM और AGM गिरफ्तार
✅ अब तक कुल 15 आरोपी पुलिस गिरफ्त में
✅ 250 टन लौह स्क्रैप बरामद
✅ ₹3.22 करोड़ की संपत्ति जब्त
✅ फ्लू डस्ट की आड़ में चल रहा था कथित रैकेट
✅ जांच में और बड़े नाम सामने आने की संभावना
सराहनीय भूमिका :
उक्त कार्यवाही में थाना पुरानी भिलाई की पुलिस टीम, विवेचना अधिकारियों एवं तकनीकी सहायता प्रदान करने वाले पुलिस कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका रही। टीम द्वारा सतत निगरानी, तकनीकी विश्लेषण एवं प्रभावी विवेचना के माध्यम से प्रकरण में लगातार कार्रवाई करते हुए कुल 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अन्य आरोपियों की तलाश एवं वैधानिक कार्रवाई निरंतर जारी है।
