The CG ख़बर । भिलाई नगर, 22 अप्रैल।
छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नगरी भिलाई से एक खबर ने राष्ट्रीय स्तर पर दस्तक दी है। वैशाली नगर से विधायक रिकेश सेन को केंद्र सरकार ने एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय समिति में शामिल कर उनके राजनीतिक कद को नई ऊंचाई दे दी है।
यह नियुक्ति महज़ औपचारिक नहीं, बल्कि उस समिति से जुड़ी है जिसकी कमान स्वयं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में है।
🔶 प्रधानमंत्री की अध्यक्षता, चुनिंदा चेहरों की टीम
संस्कृति मंत्रालय द्वारा गठित इस उच्च-स्तरीय समिति में देशभर से कुल 126 नाम शामिल किए गए हैं—ऐसे नाम, जिनका चयन उनके सामाजिक, राजनीतिक और बौद्धिक योगदान के आधार पर किया गया है।
इसी सूची में रिकेश सेन को 91वें क्रम पर स्थान मिलना, यह संकेत देता है कि अब उनकी पहचान क्षेत्रीय सीमाओं से आगे निकलकर राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बन रही है।
🔶 दो वर्षों तक चलेगा राष्ट्रीय अभियान
यह समिति समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के अवसर पर देशव्यापी कार्यक्रमों का संचालन करेगी।
📌 11 अप्रैल 2026 से 11 अप्रैल 2028 तक चलने वाला यह अभियान—
सामाजिक न्याय
समानता
महिला सशक्तिकरण
जैसे मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
🔶 सरकारी मान्यता और जिम्मेदारी का संकेत
भारत सरकार के संयुक्त सचिव समर नंदा द्वारा भेजे गए आधिकारिक पत्र में स्पष्ट किया गया है कि समिति की बैठकों में रिकेश सेन की सक्रिय भागीदारी अपेक्षित है।
यह केवल एक नामांकन नहीं, बल्कि नीति-निर्माण और राष्ट्रीय कार्यक्रमों की दिशा तय करने में सीधी भागीदारी का अवसर है।
🔶 भिलाई में उत्साह, छत्तीसगढ़ को गर्व
वैशाली नगर से लेकर पूरे भिलाई तक इस खबर ने उत्साह का माहौल बना दिया है। समर्थकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बीच यह भावना स्पष्ट है—
“प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति में जगह मिलना, केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के सम्मान का विषय है।”
सवाल भी, संकेत भी
क्या यह नियुक्ति केवल एक सम्मान है, या आने वाले समय में छत्तीसगढ़ की राजनीति में किसी बड़े संकेत की शुरुआत?
फिलहाल इतना तय है—
भिलाई का एक चेहरा अब राष्ट्रीय मंच पर अपनी भूमिका निभाने जा रहा है।
