30 जून को दुर्ग कलेक्टर से मिलकर उठाएंगे न्याय की आवाज — किसान नेता बाबा टेक सिंह चंदेल
The CG khabar | धमधा।
खेतों में पसीना बहाने वाला किसान आज अपने ही अस्तित्व की लड़ाई लड़ने को मजबूर दिखाई दे रहा है। आईडीबीआईबैंकद्वाराऋणवसूली और भूमिनीलामी की कार्रवाई के विरोध में क्षेत्र के किसानों ने एक बार फिर बैठक कर अपनी रणनीति तय की और साफ संकेत दिया कि अब केवल इंतजार नहीं, बल्कि अधिकार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
बैठक में शामिल किसानों के चेहरों पर चिंता भी थी और आक्रोश भी। किसानों ने कहा कि लगातार आर्थिक दबाव, बढ़ती लागत और राहत की कमी ने हालात ऐसे बना दिए हैं कि कई परिवार संकट में पहुंच गए हैं। ऐसे समय में यदि बैंक वसूली और जमीन नीलामी की कार्रवाई तेज करेगा, तो किसान पूरी तरह टूट जाएगा।
⬛ किसानों का सीधा सवाल —
“जबखेतीसंकट में है, तब समाधान की जगहनीलामीक्यों?”
कर्ज माफी का सवाल फिर बना आंदोलन की वजह
बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा कर्जमाफी से वंचित किसानों को लेकर हुई। किसानों ने कहा कि कई परिवार आज भी राहत की उम्मीद में बैठे हैं, लेकिन उनके हिस्से में नोटिस और दबाव ही आया है।
किसानों का कहना है कि सरकार और प्रशासन को सिर्फ आंकड़ों से नहीं, जमीन की हकीकत से फैसला करना चाहिए।
किसानों ने स्पष्ट किया कि यदि आर्थिक संकट झेल रहे किसानों को राहत नहीं दी गई तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
🟥 मुख्यमांगें —
▌ कर्जमाफी से छूटे किसानों को शामिल किया जाए
▌ ऋणवसूली की कार्रवाई पर रोक लगे
▌ भूमिनीलामी तत्काल रोकी जाए
▌ प्रभावित किसानों के लिए समाधानआधारितव्यवस्थाबने
प्रशासनिक बैठक पर किसानों की नजर
किसानों ने बताया कि जानकारी मिली है कि अनुविभागीयअधिकारी (राजस्व) धमधा के निर्देशन में बैंक अधिकारियों और किसानों के बीच चर्चा कर समाधान निकालने का प्रयास किया जा सकता है।
लेकिन किसानों ने साफ कर दिया—
🟨 “बैठक सिर्फ औपचारिकता नहीं, समाधान का मंचबननीचाहिए।”
किसानों का कहना है कि यदि चर्चा में सकारात्मक निर्णय आता है तो आगे के आंदोलन पर विचार किया जाएगा, लेकिन यदि केवल आश्वासन दिया गया तो किसान अगला कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।
🔴30 जून को कलेक्टर से सीधी मुलाकात की तैयारी
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो 30 जून को बड़ी संख्या में किसान दुर्ग कलेक्टर से मुलाकातकरेंगे।
इस दौरान किसान अपनी समस्याओं को विस्तार से रखेंगे और प्रशासन से स्पष्ट जवाब मांगेंगे।
⬛ “किसानसमाधानचाहता है, संघर्ष उसकी मजबूरी है।”
किसान नेता बाबा टेक सिंह चंदेल का दो टूक संदेश
किसान नेता बाबाटेकसिंहचंदेल ने कहा—
“कर्जमाफी से वंचित किसानों के साथ न्यायहोनाचाहिए। ऋणवसूली और नीलामीजैसीकार्रवाई पर तत्कालरोकलगनीचाहिए। किसान को राहतमिले, तभीखेती और गांव दोनों मजबूत रहेंगे।”
उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज को नजरअंदाज करना उचित नहीं होगा और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
बैठक में बड़ी संख्या में किसान रहे मौजूद
बैठक में किसान बंधु संगठन अध्यक्ष आत्मासाहू, मोतीरामवर्मा (सरपंच प्रतिनिधि), सुभाषसाहू, हेमरामसाहू, राजकुमारसाहू, पंचरामसाहू, तेजरामचंदेल, भुनेश्वरवर्मा सहित क्षेत्र के अनेक किसान उपस्थित रहे।
🟥 संदेशसाफ है —
कर्ज, वसूली और नीलामी के मुद्दे पर किसान फिर संगठित हो रहे हैं… और 30 जून को उनकी अगलीआवाज प्रशासन के दरवाजे तक पहुंचसकती है।
