
मौसम विभाग का पूर्वानुमान: बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर आ रहा पश्चिमी विक्षोभ, बारिश की संभावना
344 करोड़ के खुले में पड़े धान पर मंडरा रहा संकट
तूफान ‘फेंगल’ का असर खत्म हुए अभी दो ही दिन हुए हैं, लेकिन अब पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश का मौसम बदलने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के अनुसार, 8 दिसंबर से बारिश की संभावना है, जो 9 और 10 दिसंबर को पूरे प्रदेश में बढ़ सकती है। इस बीच, जिले के 102 धान खरीदी केंद्रों में लगभग 344 करोड़ रुपये का धान खुले में पड़ा है, जो बारिश के कारण खराब हो सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव
मौसम विशेषज्ञ हरिप्रसाद चंद्रा के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कारण हवा की दिशा बदलकर बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है।
- 8 दिसंबर: बारिश का असर बस्तर संभाग तक सीमित रहेगा।
- 9-10 दिसंबर: मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश के आसार।
- तापमान में गिरावट:
- सरगुजा संभाग: 3-4 डिग्री तक गिरावट।
- मध्य छत्तीसगढ़: 2-3 डिग्री।
- बस्तर संभाग: 1-2 डिग्री।
धान खरीदी केंद्रों की स्थिति चिंताजनक
जिले में धान खरीदी शुरू हुए 1 महीना हो गया है, लेकिन धान का उठाव अब तक नहीं हुआ।
- 102 में से 90 केंद्रों में बफर लिमिट पार हो गई है।
- धान रखने की जगह न होने से सोसाइटी प्रबंधन जुगाड़ कर रहा है।
- बारिश से धान के भीगने की संभावना किसानों की चिंता बढ़ा रही है ।
“धान खुले में पड़ा है। अगर जल्द उठाव नहीं हुआ, तो भारी नुकसान होगा।”
— सोसाइटी प्रबंधन अधिकारी
मिलरों की मांगें और उठाव में देरी
धान उठाव न होने के पीछे मिलरों की पुरानी बकाया राशि और अन्य मांगों का समाधान न होना मुख्य कारण है।
मिलरों की प्रमुख समस्याएं:
- कस्टम मिलिंग का बकाया भुगतान।
- बारदाना जमा और चार्ज संबंधी समस्याएं।
- ट्रांसपोर्टेशन और फोर्टिफाइड राइस (FRK) का भुगतान।
- धान उठाव पर पेनल्टी का मुद्दा।
“जब तक पुरानी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, धान का उठाव संभव नहीं।”
— विनीत जैन, जिला राइस मिल संघ अध्यक्ष
मौसम में बदलाव और इसका असर
पश्चिमी विक्षोभ भारतीय उपमहाद्वीप में सर्दियों के मौसम का मुख्य तंत्र है। यह ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती घेरा बनाता है और भूमध्य सागर व बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर बारिश करता है।
- रबी फसल पर असर: अचानक बारिश से रबी की फसलें प्रभावित हो सकती हैं।
- पिछले 3 सालों से किसान पेनल्टी और भुगतान को लेकर परेशान हैं।
तापमान और बारिश का रिकॉर्ड
गुरुवार को:
- अधिकतम तापमान: 33.6°C (+5.7°C सामान्य से अधिक)।
- न्यूनतम तापमान: 17.4°C (+2.6°C सामान्य से अधिक)।
दिसंबर की रिकॉर्ड बारिश:
- 2021: 4 इंच (99.6 मिमी) बारिश, अब तक की सबसे अधिक।
- 2018: 17 दिसंबर को 41.4 मिमी बारिश।
- 10 सालों में 7 बार दिसंबर सूखा रहा।
निष्कर्ष
यदि धान का जल्दी उठाव नहीं हुआ तो बारिश से 344 करोड़ रुपये का नुकसान होना तय है। प्रशासन और मिलरों के बीच खींचतान का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ सकता है।
क्या प्रशासन समय रहते उठाएगा कदम, या किसान फिर से होंगे परेशान? अपनी राय हमें बताएं!
