दीपक बैज को BJP नेता कन्हैया सोनी की नसीहत 🟥 विधायक के विवाह पर लगाए है आरोप

दीपक बैज को BJP नेता कन्हैया सोनी की नसीहत 🟥 विधायक के विवाह पर लगाए है आरोप

सामूहिक विवाह से उठा सियासी तूफान : विधायक दीपेश साहू की शादी पर आमने-सामने कांग्रेस और भाजपा


आमतौर पर विवाह किसी परिवार और समाज के लिए खुशियों, उत्सव और नई शुरुआत का अवसर होता है। लेकिन छत्तीसगढ़ में होने जा रही एक शादी ने राजनीतिक गलियारों में ऐसी हलचल मचा दी है कि अब यह केवल एक पारिवारिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रदेश की सबसे चर्चित राजनीतिक बहसों में से एक बन गया है।

मामला बेमेतरा से भाजपा विधायक दीपेश साहू की शादी का है। 31 मई को विधायक दीपेश साहू मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में विवाह बंधन में बंधने जा रहे हैं। विशेष बात यह है कि प्रदेश के इतिहास में यह पहला अवसर होगा, जब कोई विधायक सामूहिक विवाह कार्यक्रम में स्वयं विवाह करेगा। राजनीति में अक्सर जनप्रतिनिधि समाज को संदेश देने की बात करते हैं, लेकिन बहुत कम अवसर ऐसे आते हैं जब कोई नेता स्वयं उदाहरण बनकर सामने आए।

जहां एक ओर इस निर्णय को सादगी, सामाजिक समरसता और सकारात्मक संदेश का प्रतीक बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने इसे लेकर सरकार और विधायक दोनों को कठघरे में खड़ा कर दिया है।



मुख्यमंत्री ने की खुलकर सराहना

मुख्यमंत्री ने कहा—

“विधायक दीपेश साहू का मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सामूहिक विवाह में शादी करने का निर्णय सादगी और सामाजिक समरसता का प्रेरक उदाहरण है। यह कदम समाज को सरल और संस्कारित जीवन मूल्यों की दिशा में प्रेरित करेगा।”


लेकिन यहीं से शुरू हुआ राजनीतिक विवाद

जिस पहल को भाजपा सामाजिक संदेश बता रही है, उसी पर कांग्रेस ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस पूरे मामले को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की पात्रता और उद्देश्य से जोड़ते हुए सरकार पर निशाना साधा है।

दीपक बैज का बड़ा आरोप

“गरीबों के हक पर डाका डाला जा रहा है”

उन्होंने कहा कि यह योजना आम लोगों के लिए है, किसी विधायक के लिए नहीं। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि योजना की पात्रता के नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं।


🔶 दीपक बैज को वरिष्ठ BJP नेता कन्हैया सोनी की नसीहत

कांग्रेस की आपत्ति सामने आते ही भाजपा भी आक्रामक हो गई। भिलाई के वरिष्ठ भाजपा नेता कन्हैया सोनी ने कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को नसीहत देते हुए तीखा जवाब दिया।

कन्हैया सोनी ने कहा—

“पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज बिना सिर-पैर की राजनीति न किया करें। वह अपने संगठन को संभाल नहीं पा रहे हैं और लगातार भाजपा के खिलाफ बेतुके बयान देते रहते हैं।”

कन्हैया सोनी ने आगे कहा कि कांग्रेस को पहले अपने संगठन की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।

तंज कसते हुए उन्होंने कहा—

“या तो उन्हें अपने युवराज राहुल गांधी की शादी न होने का गम है या फिर अपनी कुर्सी जाने की खीझ है।”

भाजपा नेता ने दावा किया कि विधायक दीपेश साहू की होने वाली पत्नी बीपीएल परिवार से हैं और योजना की सभी पात्रताओं का पालन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा—

“किसी गरीब का हक नहीं छीना जा रहा है, न ही कहीं किसी प्रकार का भ्रष्टाचार हो रहा है।”


विवाद के बीच विधायक दीपेश साहू का जवाब

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब स्वयं विधायक दीपेश साहू ने भी स्थिति स्पष्ट की है।

दीपेश साहू ने कहा—

“जिनसे मैं विवाह करने जा रहा हूं, वे बीपीएल परिवार से हैं। योजना में लड़की की पात्रता देखी जाती है और सभी नियमों का पालन किया जा रहा है।”

उन्होंने यह भी घोषणा की कि योजना के अंतर्गत मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि वे स्वयं उपयोग नहीं करेंगे। “योजना से मिलने वाली राशि मेधावी छात्राओं को दी जाएगी”



BJP नेता कन्हैया सोनी का ‘सियासत से परे बड़ा सवाल’

क्या इस प्रकार का जनकल्याणकारी और साहसिक कदम, जहां पर एक विधायक स्वयं सामाजिक आडंबर और दिखावे से हटकर सादगीपूर्वक अपने नए जीवन की शुरुआत कर रहा है, उसकी प्रशंसा होनी चाहिए या फिर उसके इस कदम को राजनीतिक विद्वेषपूर्ण तरीके से विवादों में डाला जाना चाहिए?

क्या राजनीति का स्तर इतना गिर गया है?

क्या कांग्रेस पार्टी की सोच इतनी संकुचित हो गई है?

यह सवाल केवल पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज से नहीं, बल्कि कांग्रेस के उन तमाम नेताओं और कार्यकर्ताओं से है जो केवल सामाजिक न्याय का आडंबर करते हैं।


✍️ अभिमत

विधायक दीपेश साहू का यह निर्णय युवाओं के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है । जहां जन प्रतिनिधियों की कथनी और करनी में अंतर दिखाई पड़ता है वही विधायक का यह कदम राजनीति और समाज को नई दिशा देगा ।

31 मई को होने वाला यह विवाह केवल दो लोगों का वैवाहिक बंधन नहीं रहेगा, बल्कि इसके साथ जुड़ी राजनीतिक बहस भी प्रदेशभर की नजरों में बनी रहेगी।


कृपया इस पूरे प्रकरण पर अपने विचार व प्रतिक्रिया अवश्य प्रस्तुत करें।

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